बसपा सुप्रीमों के भाई पर आयकर विभाग नें कसा शिकंजा, 400 करोड़ का प्लांट जप्त

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Posted on : 18-07-2019 | By : JNI-Desk | In : Delhi, FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BSP, राष्ट्रीय

नई दिल्‍ली/नोएडा:बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के भाई और पार्टी उपाध्यक्ष आनंद कुमार और उनकी पत्नी के खिलाफ आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आयकर विभाग ने करोड़ों रुपये के एक बेनामी प्लॉट को जब्त किया है। यह प्लॉट दिल्ली से सटे नोएडा में बताया जा रहा है। यह कुल सात एकड़ का बड़ा प्‍लॉट है। म‍िली जानकारी के अनुसार, इस प्‍लॉट की कीमत तकरीबन 400 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
बता दें कि बसपा प्रमुख मायावती के भाई आनंद कुमार की संपत्ति की जांच आयकर विभाग काफी समय से कर रहा है। जांच में पता चला कि आनंद कुमार के पास नोएडा में एक बड़ा प्‍लॉट है, जो बेनामी है। इस प्‍लॉट की साइज की बात करें तो यह करीब 30 हजार वर्ग मीटर का है। बेनामी निषेध इकाई ने इस बेनामी प्‍लॉट को जब्‍त करने के लिए दो दिन पहले यानी 16 जुलाई को आदेश जारी किया था। दो दिन बाद अब इस प्‍लॉट को जब्‍त कर आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि प्लॉट के अलावा, बसपा उपाध्यक्ष आनंद कुमार की पत्‍नी विचित्र लता के पास कुछ और संपत्‍ति है, जो बेनामी है। भविष्‍य में इन पर भी कार्रवाई हो सकती है। इस कार्रवाई के बाद आनंद कुमार की परेशानी बढ़ सकती है। बता दें कि इस मामले की जांच आयकर विभाग के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है।
बहुजन समाज पार्टी में मायावती के भाई आनंद कुमार आज बड़ा नाम हैं, मगर कभी वह नोएडा प्राधिकरण में मामूली क्‍लर्क हुआ करते थे। मायावती के सत्‍ता में आने के बाद संपत्‍ति में अचानक उछाल आया। इसके बाद वह कई जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गए।
इनके बारे में कहा जाता है कि आनंद कुल 49 कंपनियों के मालिक हैं। नोटबंदी के समय भी आनंद काफी सुर्खियों में रहे थे। आनंद के खाते में अचानक से डेढ़ करोड़ रुपये आ गए थे। इतनी बड़ी रकम खाते में आने के बाद से इनकी कई जगहों पर छापेमारी हुई थी।

परिवारवाद की जद में माया, भाई आनंद को उपाध्यक्ष तो भतीजे आकाश को बनाया नेशनल कोऑर्डिनेटर

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Posted on : 23-06-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BSP

लखनऊ:परिवारवाद का लंबे समय तक विरोध करने वाली बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने आज पार्टी की बैठक में बड़ा फैसला कर दिया। मायावती ने आज बसपा की अखिल भारतीय बैठक में भाई आनंद कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा भतीजे आकाश आनंद को नेशनल को-आर्डीनेटर नियुक्त किया है। बसपा मुखिया मायावती अक्सर को खुद को परिवारवाद से दूर बताती रही हैं। बसपा कैडर में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के बाद कोआर्डिनेटर का पद सबसे अहम है। इस फैसले से मायावती ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी में अब परिवार का ही सीधा दखल रहेगा।राजनीति में लंबे समय से परिवारवाद का विरोध करने वाली मायावती ने आज परिपाटी को बदल दिया। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाई और भतीजे को अहम जिम्मेदारी दी हैं। उन्होंने भाई आनंद कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा भतीजे आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। साथ ही कार्यकर्ताओं को यह हिदायत भी दी कि जिस तरह से अब तक मेरी बात मानते आए हैं, उसी तरह से इन दोनों की बातें भी मानें। इस बड़ी बैठक में बसपा में बड़े संगठनात्मक बदलाव की घोषण की । पार्टी में दो नेशनल कॉर्डिनेटर बनाए।
मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के साथ पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामजी गौतम को भी नेशनल कॉर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी। मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार और भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में अहम पद देने के बाद साफ कर दिया है कि पार्टी में उनके अपनों की दखल बढ़ने वाली है।  बसपा चीफ के ऐलान के बाद आकाश आनंद अब पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने के लिए काम करेंगे। पुरानी पद्धति पर काम कर रही बसपा में आकाश के आने के बाद से कई बदलाव आए।
लोकसभा चुनाव 2019 के बाद आज लखनऊ में पहली बार अखिल भारतीय स्तर की बैठक में मायावती ने पार्टी से सभी जिम्मेदार नेताओं, पदाधिकारियों और जोन इंचार्जों के साथ बैठक कर रही हैं। मायावती ने इन सभी को विभिन्न राज्यों में अगले साल तक होने वाले विधानसभा चुनावों व जनाधार बढ़ाने के बारे में जरूरी दिशानिर्देश दिया है। उत्तर प्रदेश में 12 विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। इनमें बसपा बिना किसी गठबंधन के मैदान में उतर रही है। बसपा पहली बार विधानसभा उप चुनाव में उतरेगी।
दानिश अली होंगे लोकसभा में बसपा के नेता
बसपा सुप्रीमो की ओर से बुलाई गई बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता दानिश अली को लोकसभा में पार्टी का नेता बनाने का फैसला लिया गया। जनता दल सेक्युलर से बसपा में शामिल हुए दानिश अली को पार्टी ने अमरोहा से प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने भाजपा के सांसद कंवर सिंह तंवर को हरा कर चुनाव जीता था।
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने इस बैठक में देशभर में बसपा का विस्तार करने, नई रणनीति बनाने, उत्तर प्रदेश उपचुनाव की तैयारियों और पार्टी में बदलाव को लेकर चर्चा की। लोकसभा चुनाव में सपा व रालोद के साथ गठबंधन करने वाली बसपा ने 38 में से दस सीट पर जीत दर्ज की थी। समाजवादी पार्टी को 37 में से पांच व राष्ट्रीय लोकदल को तीन में से एक भी सीट नही मिली है।
बसपा प्रमुख मायावती ने आज पार्टी के देशभर के प्रमुख पदाधिकारियों की लखनऊ में अहम बैठक बुलाई। इस बैठक के मद्देनजर बसपा सुप्रीमो मायावती मंगलवार शाम को दिल्ली से लखनऊ पहुंची थीं। इसमें विभिन्न राज्यों में अगले साल तक होने वाले विधानसभा चुनावों व जनाधार बढ़ाने के बारे में जरूरी दिशानिर्देश दिए जाने की संभावना है। यूपी में भाईचारा संगठन के गठन के संबंध में की जा रही कार्यवाही का फीडबैक ले सकती है। लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजा आने तथा समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन टूटने के बाद होने वाली इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मायावती पार्टी के देश भर के जिम्मेदार नेताओं के साथ बैठक के बाद अलग-अलग राज्यों के नेताओं के साथ बैठक कर सकती हैं। मायावती 2022 के विधानसभा चुनाव सभी 403 सीटों पर लड़ने के लिहाज से तैयारी का संदेश देते हुए संगठन पुनर्गठन व जनाधार विस्तार के भी दिशानिर्देश दे चुकी हैं। बैठक में लोकसभा चुनाव नतीजों की समीक्षा से मिले फीडबैक पर चर्चा की संभावना है। इसके अलावा अगले वर्ष तक महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, बिहार व पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के चुनाव संभावित हैं।
पिछले माह लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद वैसे तो मायावती दिल्ली में राज्यवार समीक्षा बैठकें कर चुकी हैैं लेकिन आज उन्होंने बसपा के प्रदेश मुख्यालय में देशभर के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक बुलाई। इस बैठक में प्रदेश के जहां विधानसभा स्तर तक के पदाधिकारी व भाईचारा कमेटी के लोग हैैं वहीं दूसरे राज्यों के प्रभारी और अध्यक्ष के साथ ही प्रमुख पदाधिकारी शामिल हैैं। देशभर के पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में मायावती महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार जैसे दूसरे राज्यों के निकट भविष्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के साथ ही राज्य के उप चुनाव की तैयारी में जुटने और गठबंधन से नफा-नुकसान के बारे में अपनी बात रख सकती हैैं ।
मोबाइल फोन व अन्य सामान बाहर जमा
बसपा प्रमुख मायावती की मीटिंग हाल में प्रवेश से पहले नेताओ को मोबाइल, बैग, पेन, कार की चाबी सहित अपना सामान बाहर ही जमा करना पड़ा। इस तरह की बैठक में पहली बार ऐसा हो रहा है कि हर नेता का मोबाइल फोन के साथ गाड़ी की चाभी को भी बैठक हाल के बाहर जमा कराया जा रहा है। इतना ही नहीं किसी को पेन भी अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। बैठक में पार्टी के साधारण कार्यकर्ता से लेकर सांसदों तक को भी मीटिंग में जाने से पहले अपना मोबाइल, बैग यहां तक की गाड़ी की चाबी भी बाहर ही जमा करवाने के आदेश दिए गए। हद उस समय हो गई जब महिलाओं के आभूषण और पुरुषों के जूते-चप्पल यहां तक की ताबीज भी उतरवा लिए गए। इसके लिए खास काउंटर भी बनाया गया, जहां पर यह सभी सामान जमा करवाना है। बीएसपी की इस बैठक में नेताओं के मोबाइल और बैग तो काउंटर पर जमा करा लिए गए, साथ ही कार्यकर्ताओं की घड़ियां भी उतरवा ली गई हैं। महिला कार्यकर्ताओं को भी किसी भी तरह का आभूषण पहन कर बैठक में जाने की इजाजत नहीं है। कई कार्यकर्ताओं के ताबीज की भी जांच की गई है।

सेन्ट्रल जेल और आईटीआई चौराहे पर ही चेक होंगे पास

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फर्रुखाबाद: मतगणना के पूर्ण रूप से शांति व्यवस्था बनी रहे इसके लिए पुलिस व जिला प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है| मतगणना स्थल को जाने वाले मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिस बल लगाया गया है| जो बिना पास के किसी को भी पास नही करेगा|
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने आलू मंडी में पुलिस कर्मियों को उनकी डियूटी के विषय में जानकारी दी| अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह ने पुलिस कर्मियों को बताया कि 14 टेबल लगेंगी| इसके साथ ही 15 आरो टेबल की व्यवस्था की गयी है| प्रत्येक टेबल पर एक एजेंट रखा जायेगा| पंजाब पुलिस के जबान भी मौके पर तैनात होंगे|
उन्होंने बताया कि सेन्ट्रल जेल चौराहे व आईटीआई चौराहे पर पुलिस का पहला बैरियर लगेगा|इस बैरियर के आगे वही लोग आयेंगे जो मतगणना से सम्बन्धित है| जिसके पास है वही आगे जाने के लिए अधिकृत होगा| बिना पास के कोई अधिकारी हो या पुलिस कर्मी या मीडिया कर्मी उसे आगे आने नही दिया जायेगा|
सभी पुलिस कर्मियों को अपने डियूटी बिंदु पर सुबह 5:30 बजे ही पंहुचने के निर्दश दिये गये| जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया की मतदान से सम्बन्धित कार्मिको के सफेद पास बने है| वही प्रत्येक विधान सभा के एजेंटो को अलग-अलग रंग के पास जारी किये गये है|

बसपा सुप्रीमो नें अनुशासनहीनता के आरोप में रामवीर उपाध्याय को पार्टी से किया निलंबित

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लखनऊ: लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के कारण बसपा के पूर्व मंत्री व कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम ने यह कार्रवाई की है। रामवीर उपाध्याय पर लोकसभा चुनाव में आगरा, फतेहपुर सीकरी, अलीगढ़ समेत कई सीटों पर पार्टी का विरोध करने का आरोप।
रामवीर उपाध्याय को लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और अनुशासनहीनता की वजह से निलंबित किया गया है। रामवीर को बसपा ने विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी के मुख्य सचेतक पद से भी हटा दिया है। उनसे कहा गया है कि वे अब पार्टी के किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे और न ही उन्हें इसके लिए आमंत्रित किया जाएगा।
लोकसभा चुनाव के दौरान पूर्व ऊर्जामंत्री व बसपा विधायक रामवीर उपाध्याय की एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें वह आगरा के भाजपा प्रत्याशी व मंत्री एसपी सिंह बघेल के गले मिल कर उन्हें जीत की अग्रिम बधाई दे रहे थे। हालांकि, तब रामवीर उपाध्याय इस पर सफाई देते हुए कहा था कि एसपी सिंह बघेल उन्हें रास्ते में मिल गए थे और उन्होंने उनकी कुशलक्षेम पूछकर बधाई दे दी। अब यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। रामवीर उपाध्याय के भाई मुकुल उपाध्याय पिछले साल बीजेपी में शामिल हुए थे। उस दौरान उन्होंने भाई रामवीर पर बसपा से निकालने का आरोप लगाया था।

गठबंधन और बीजेपी के बीच यूपी में कांटे की टक्कर

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नई दिल्ली/ लखनऊ:  आम चुनाव 2019 के आखिरी चरण की वोटिंग खत्म होने के बाद मीडिया में अलग-अलग सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल्स आ गए। इससे आधिकारिक नतीजों से पहले ही देश का मूड और हवा का रुख भांपने में मदद मिलती है।
चुनाव परिणाम आने तक एग्जिट पोल्स के नतीजे सियासी चर्चाओं के केंद्र में रहते हैं। जानिए- अलग-अलग एजेंसियों के सर्वे में देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में किस दल को कितनी सीटें मिल रही है। टाइम्स नाउ-वीएमआर के मुताबिक, भाजपा को 80 में से 58 सीटें मिल सकती हैं। सपा-बसपा गठबंधन को 20 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को महज दो सीट मिलती दिख रही है। वहीं न्यूज 24X7 के अनुसार, भाजपा को 51 सीटें और सपा-बसपा को 26 सीटें मिल सकती हैं। यहां भी कांग्रेस को सिर्फ तीन सीट बताई गई है। एबीपी न्यूज-नील्सन के अनुसार भाजपा को भारी नुकसान हो रहा है। गठबंधन को 56 और कांग्रेस को दो सीट मिल सकती है। सुदर्शन न्यूज के एग्जिट पोल के मुताबिक, भाजपा को 52 सीट मिल सकती है। सपा-बसपा के खाते में 26 सीट जा सकती है।
एबीपी के सर्वे के अनुसार अवध क्षेत्र की 23 सीटों में भाजपा गठबंधन को 7 सीटें, सपा बसपा गठबंधन को 14 सीटें तथा कांग्रेस को 2 सीटें मिल रही है।  पश्चिम उत्तर प्रदेश के 27 सीटों में भाजपा गठबंधन को 6, सपा बसपा को 21 तथा कांग्रेस को 2 सीटें मिल रही है। बुंदेलखंड की 4 सीटों पर भाजपा गठबंधन को 1 तथा सपा बसपा गठबंधन को तीन सीटें मिल रही है।  वहीं पूर्वांचल में 26 सीटों पर भाजपा गठबंधन को 8 सीटें, सपा बसपा व लोकदल को 18 सीटें तथा कांग्रेस को 0 सीटें मिल रही है।
टाइम्स नाउ-वीएमआर के सर्वे में यूपी में भाजपा गठबंधन को 58 सीटें, कांग्रेस को 2 तथा सपा+बसपा+ रालोद गठबंधन को 20 सीटें मिलती दिख रही है। भले ही टाइम्स नाउ-वीएमआर सर्वे में महागठबंधन को महज 29 सीटें मिल रही हैं, लेकिन सी-वोटर सर्वे में उसे 40 सीटें मिलने की उम्मीद है। भाजपा को सी वोटर सर्वे में भी बहुत नुकसान होता नहीं दिख रहा है और उसे 38 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि कांग्रेस को सी-वोटर के सर्वे में भी झटका लगता दिख रहा है। उसे महज 2 सीटें मिलने का ही अनुमान जताया गया है।

भाजपा + कांग्रेस+ सपा+ बसपा+रालोद अन्य
आज तक एक्सीस
एबीपी न्यूज नील्सन  22  2  5  0
सी वोटर  38  2  40  0
टाइम्स नाउ-वीएमआर  58  2  20  0
न्यूज 24X7  51  3  26  0

एग्जिट पोल में देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य यूपी (80 सीट) पर देश की नजर है। 2014 में भाजपा ने यहां बंपर सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार मुकाबला पूरी तरह अलग रहा। सपा और बसपा ने हाथ मिलाते हुए महागठबंधन बना लिया, वहीं कांग्रेस भी अपने दम पर चुनाव लड़ी। कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को आधिकारिकतौर पर राजनीति में उतार दिया और पश्चिम यूपी की कमाई सौंप दी। चुनाव प्रचार के दौरान यूपी के नेताओं के नई विवादित बयान दिए, जिनके चलते योगी आदित्यनाथ के साथ ही मायावती और आजम खान के चुनाव प्रचार पाबंदी लगी।
यूपी की वीआईपी सीटों में लखनऊ सीट भी शामिल है, जहां से केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह मैदान में हैं। सपा ने उनके खिलाफ शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम को उतारा है। वहीं कांग्रेस ने प्रमोद कृष्णन को टिकट दिया है। इसी तरह वाराणसी (नरेंद्र मोदी), अमेठी (राहुल गांधी बनाम स्मृति ईरानी), रायबरेली (सोनिया गांधी), मैनपुरी (मुलायम सिंह), आजमगढ़ (अखिलेश यादव बनाम निरहुआ), रामपुर (आजम खान बनाम जया प्रदा), गोरखपुर (रवि किशन), कन्नौज (डिंपल यादव) यूपी की वीआईपी सीटों में शामिल हैं।
2014 का नतीजा: 2014 की मोदी लहर में भाजपा को 80 में से 73 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस को सिर्फ दो (अमेठी और रायबरेली) में जीत मिली थी। सपा को 5 सीटों से संतोष करना पड़ा था, वहीं मायावती की पार्टी का तो खाता भी नहीं खुला था।
आइए हम आपको बताते हैं कि आखिर एग्जिट पोल क्या होते हैं। लगभग सभी बड़े चैनल्स और एजेंसियां मिलकर आखिरी चरण के मतदान खत्म होने के बाद एग्जिट पोल दिखाती हैं। इसमें बताया जाता है कि नतीजे किसके पक्ष में होंगे और किस पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं। हालांकि जरूरी नहीं है कि परिणाम भी एग्जिट पोल के मुताबिक ही आएं क्योंकि यह सर्वे पर आधारित होता है और सर्वे शत प्रतिशत सही हों, इसकी गारंटी नहीं होती।
आइए हम आपको बताते हैं कि एग्जिट पोल कराने का तरीका क्या होता है। दरअसल एजेंसियां वोट डालने के तुरंत बाद वोटर्स की राय जानती हैं और उसी के आधार पर नतीजे तैयार किए जाते हैं। हालांकि यह सही रूप से पता कर पाना बड़ा मुश्किल होता है। वहीं वोटिंग से पहले वोटर्स की राय जानकर जो अनुमान लगाए जातें हैं उन्हें ओपिनियन पोल कहते हैं।

भाजपा नेताओं की पत्नियां मोदी से घबराती हैं: मायावती

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Posted on : 13-05-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BJP, Politics-BSP

लखनऊ:  लोकसभा चुनाव में अंतिम यानी सातवें चरण के मतदान से पहले नेताओं के आरोप प्रत्यारोप का दौर काफी तेज हो गया है। विवादित बयान भी रोज सुर्खियां बन रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है। बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि मुझे पता चला है कि भाजपा में खासकर विवाहित महिलाएं अपने पतियों को पीएम मोदी के करीब जाता देख घबरा जाती हैं। उनका कहना है कि उन महिलाओं को डर है कि कहीं पीएम मोदी उन्हें भी अपनी पत्नी की तरह अपने पतियों से अलग ना करवा दें। वह सब यह सोचती हैं कि कहीं यह मोदी अपनी औरत की तरह ही हमको भी हमारे पतियों से अलग न करवा दें।
मायावती ने कहा, मुझे तो यह भी मालूम चला है कि भाजपा में खासकर विवाहित महिलाएं अपने आदमियों को श्री मोदी के नजदीक जाते देखकर यह सोच कर भी काफी ज्यादा घबराती रहती हैं कि कहीं मोदी अपनी औरत की तरह हमें भी अपने पति से अलग ना करवा दे। मायावती ने मामले पर बयान देते हुए प्रधानमंत्री मोदी की पत्नी को भी घसीटा।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा के लोग महिलाओं का सम्मान नहीं करते। यहां तक कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए पीएम मोदी ने अपनी पत्नी को भी छोड़ दिया। मायावती ने कहा कि पीएम मोदी अगर राजनीतिक लाभ के लिए अपनी पत्नी को छोड़ सकते हैं तो फिर देश की मां व बहनों को वह कैसे न्याय दे सकते हैं। वह इनको कैसे सम्मान देंगे।
मायावती ने पीएम मोदी पर अलवर के सामूहिक दुष्कर्म पर प्रधानमंत्री के शांत रहने पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पीएम यहां पर भी राजनीतिक लाभ लेने के प्रयास में हैं। वह इस कारण नहीं बोल रहे हैं, क्योंकि उनको लगता है कि उनके वोट का नुकसान होगा। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अलवर कांड पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दलित प्रेम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मोदी का दलित प्रेम नकली है वह अलवर कांड की आड़ में घृणित राजनीति कर रहे हैं।
मायावती ने कहा कि अगर अलवर कांड के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो राजस्थान सरकार से समर्थन वापस ले सकती हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी अब दलितों का वोट पाने के लिए उनके प्रति सहानुभूति दिखा रहे हैं, जबकि भाजपा शासित राज्यों में वह दलित उत्पीड़न पर कुछ भी नहीं बोलते। उन्होंने गुजरात के ऊना कांड में भी अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री से इस्तीफा नहीं लिया और न ही रोहित वेमुला कांड में कैबिनेट मंत्री से इस्तीफा लिया था।
पीएम मोदी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि अलवर में एक दलित बेटी का उत्पीड़न हुआ, लेकिन मायावती ने अब तक राजस्थान सरकार से समर्थन वापस नहीं लिया।

भाजपा विधायक ने PO को पीटा, पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद की गाड़ी पर पथराव

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लखनऊ:लोकसभा चुनाव 2019 में आज छठे चरण के मतदान के दौरान पूर्वांचल में आजमगढ़ तथा भदोही में मारपीट तथा पथराव हुआ है। आजमगढ़ से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव गठबंधन प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।
आजमगढ़ के किशनपुर गांव में आज प्राथमिक विद्यालय के मतदान केंद्र पर पूर्व मंत्री व सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव पहुंचे। इस दौरान उनके वहां पहुंचने पर बूथ संख्या 377 से 79 पर कुछ ने विरोध किया। इस विरोध से बचने के लिए दुर्गा प्रसाद यादव पास के गांव गांव की राजभर बस्ती में चले गए और इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी थोड़ी ही देर में एसपी सिटी के साथ थानाध्यक्ष जहानागंज फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
इसके बाद आधे घंटे बाद जब दुर्गा प्रसाद यादव अपने वाहन से वापस आ रहे थे तो सरपत के झुरमुट में बैठे पांच-छह लोगों ने वाहन पर हमला कर दिया। इस हमले में दुर्गा प्रसाद यादव की गाड़ी का शीशा टूट गया। इसके बाद उनके साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दौड़ाया तो भाग निकले। इस दौरान गांव से गुजरते हुए कुछ अराजक तत्व ने दोबारा पत्थरबाजी शुरू की लेकिन एसपी सिटी के साथ लगी फोर्स ने उन्हें दौड़ाया तो वे भाग निकले। दुर्गा प्रसाद यादव को सुरक्षित अपने गंतव्य को रवाना कर दिया गया। मंत्री की गाड़ी का शीशा टूटा किसी को कोई चोट नही आई।
औराई में भाजपा विधायक ने पीठासीन अधिकारी को पीटा
भदोही में औराई के लक्ष्मण बूथ पर बवाल होने के बाद भाजपा विधायक दीनानाथ भास्कर ने पीठासीन अधिकारी को पीटा। पीठासीन अधिकारी ने आरोप लगाया कि विधायक फर्जी मतदान के लिए दबाव बना रहे थे। विरोध किया तो उसकी लात-घूंसों से पिटाई कर दी गई। इस मामले में औराई थाने में भाजपा विधायक दीनानाथ भास्कर के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।

मायावती नें समर्थकों से की राहुल-सोनिया को वोट देने की अपील

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Posted on : 05-05-2019 | By : JNI-Desk | In : Politics, Politics-BSP, Politics-CONG.

लखनऊ: लोकसभा चुनाव 2019 में समाजवादी पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल के साथ गठबंधन करने वाली बसपा मुखिया मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाया है। मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी पर उत्तर प्रदेश में गठबंधन में फूट डालने का आरोप लगाया है। 
मायावती ने कहा कि भाजपा को अब अपनी हार दिखने लगी है। इसी कारण अब फूट डालो राज करो के रास्ते पर आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जगह-जगह पर कहते फिर रहे हैं कि बसपा अकेली पड़ गई है। उसका कोई भी साथ नहीं दे रहा है। बसपा मुखिया ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी फूट डालो और राज करो की नीति पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लगातार गठबंधन को तोडऩे की कोशिश की है क्योंकि वह चुनाव हार रही है। उन्होंने कहा कि 23 मई को देश को निरंकुश व अहंकारी शासन से मुक्ति मिल जाएगी। 
मायावती ने कहा कि महागठबंधन को पूरी जनता का समर्थन मिल रहा है और जनता इस बार भाजपा को उखाड़ फेकेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा तो गठबंधन तोडऩे की कोशिश कर रही है। अभी तक के चरणों में जनता ने गठबंधन का समर्थन दिया है जिससे बीजेपी बहुत परेशान है। उन्होंने कह कि यह गठबंधन सिर्फ केंद्र में नया प्रधानमंत्री व नई सरकार बनाने के लिए नहीं है बल्कि यूपी में भी बीजेपी की सरकार को हटाएगा।
मायावती ने कहा हमने जनहित में खासकर भाजपा-आरएसएस वादी ताकतों को कमजोर करने के लिए अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीट पर कांग्रेस पार्टी के लिए छोड़ दी। उन्होंने कहा कि ताकि कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेता दोनों सीटों से चुनाव लड़े और दोनों सीटें उलझकर ना रह जाए। इसका खास ध्यान में रखकर ही हमारे गठबंधन ने दोनों सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी थी। मुझे पूरी उम्मीद है कि हमारे गठबंधन का एक-एक वोट हर हालत में दोनों कांग्रेस नेताओं को मिलने वाला है। बसपा सुप्रीमो ने कहा हमने कहीं कांग्रेस से समझौता नहीं किया है। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल भाजपा की विजय संकल्प रैली प्रतापगढ़ में कहा था समाजवादी पार्टी ने गठबंधन के बहाने बहन मायावती का तो फायदा उठा लिया, लेकिन अब बहन जी को समझ आ गया है कि सपा और कांग्रेस ने बहुत बड़ा खेल खेला है। अब बहन जी खुले आम कांग्रेस और नामदार की आलोचना करती है। 
मायावती ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल प्रतापगढ़ की अपनी चुनावी जनसभा में फूट डालो व राज करो की नीति के तहत् जो हमारे सपा व बसपा गठबन्धन के लोगों में भ्रम पैदा करने की घिनौनी हरकत की है इस सम्बन्ध में इनको हमारा यही कहना है कि जब से उत्तर प्रदेश में लोकसभा आमचुनाव के लिए यहाँ बीएसपी, सपा व आरएलडी का गठबंधन बना तभी से भाजपा व खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभूतपूर्व संकट में हैं। उन्हें इस गठबन्धन से पेट में जो दर्द हो रहा है उसका कोई इलाज उन्हें नहीं मिल पा रहा है और ना ही आगे कोई इसका समाधान उन्हें मिलने वाला है जबकि यह गठबंधन वर्तमान के साथ भविष्य का भी गठबंधन है। गठबंधन उत्तर प्रदेश से भी भाजपा की संकीर्ण, जातिवादी, साम्प्रदायिक व अहंकारी सरकार को जरूर उखाड़ फेंकेगा।
मायावती ने कहा कि पीएम मोदी यह भूल गये कि हमारा गठबंधन व्यापक जनहित व देशहित के लिए भाजपा की जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए ही बना है। गठबंधन की हमारी तीनों पार्टियां ही यहां हर प्रकार की अपनी कुर्बानी देती रही हैं और आगे भी देती रहेंगी। उन्होंने कहा कि सर्वसमाज की दु:खी जनता पूरी तरह से इस गठबंधन पर आशीर्वाद बनाये हुए है। जनता इस संकल्प के साथ काम कर रही है कि इस महीने 23 मई को भाजपा गई और देश को निरंकुश व अहंकारी सरकार से मुक्ति मिली। मायावती ने कहा कि केंद्र में अगली सरकार अगली सरकार तथा प्रधानमंत्री की परवाह नरेंद्र मोदी एण्ड कम्पनी के लोग ना करें, तो यह बेहतर ही होगा। अब अगली सरकार जरूर बनेगी और साथ ही जनहित व देशहित को मजबूत बनाने वाली सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की ही सरकार बनेगी।
मायावती ने कहा कि इन सबके साथ साथ ही हमारी पार्टी आज भी अपनी पार्टी की सोच व मूवमेन्ट के मामले में विशेषकर कांग्रेस व भाजपा को एक ही थाली के चट्टे-बट्टे मानकर चलती है, लेकिन इसके बावजूद हमने जनहित में भाजपा व आरएसएसवादी ताकतों को कमजोर करने के लिए अमेठी के साथ रायबरेली में गठबंधन का प्रत्याशी नहीं खड़ा किया। जिससे कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेता जीत सकें। मायावती ने कहा कि वैसे पूरी उम्मीद है हमारे गठबंधन का एक-एक वोट और खासकर बसपा का एक-एक बेस वोट जिनकी संख्या अकेले ही 22-23 प्रतिशत है कांग्रेस पार्टी के ही दोनों सर्वोच्च नेताओं को ही मिलने वाला है। इसमें किसी को भी कोई सन्देह नहीं होना चाहिये। वैसे भी हमारा वोट ज्यादातर साइलेंट ही रहता है। ज्यादा दिखावे आदि के चक्कर में नहीं पड़ता है और वह अपनी नेता का इशारा समझकर फिर अपना एक-एक वोट उसी ही पार्टी के उम्मीद्वार को दे देता है जिसको उनकी नेता दिलवाना चाहती हैं और यह सब किसी से छिपा नहीं है। हमारी पार्टी का खासकर बेस वोट अमेठी व रायबरेली लोकसभा की सीट पर केवल यहाँ कांग्रेस पार्टी के ही दोनों उम्मीद्वारों को ही जाने वाला है। इसमें कोई दो राय नहीं है।

गठबंधन के प्रत्याशी ने जुलूस में किया शक्ति प्रदर्शन

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Posted on : 27-04-2019 | By : JNI-Desk | In : FARRUKHABAD NEWS, Politics, Politics-BSP, लोकसभा चुनाव 2019

फर्रुखाबाद:सपा बसपा गठबंधन के प्रत्याशी मनोज अग्रवाल ने चुनाव मे अपनी ताकत का अहसास कराकर शक्ति प्रदर्शन किया|
नगर के गुरुगाँव देवी मन्दिर से गठबंधन के प्रत्याशी मनोज अग्रवाल ने अपनी पत्नी नगर पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल व पुत्र देवांश अग्रवाल के साथ पूजा अर्चना की| देवी की पूजा के साथ उनका चुनावी जुलूस शुरू हुआ|
दोपहर की तेज धूप की गर्माहट के आगे सियासी पारा उससे भी गर्म था| क्योंकि चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था| गठबंधन के प्रत्याशी मनोज अग्रवाल का जगह-जगह समर्थकों ने स्वागत कर आतिशबाजी चलायी| समर्थकों ने मनोज अग्रवाल जिंदाबाद के नारे भी लगाये|प्रत्याशी की पत्नी वत्सला अग्रवाल अपनी महिला समर्थकों के साथ जुलूस में टोली बनाकर शामिल हुईं|सपा नेता तोषित प्रीत,दीपक गुप्ता,राजू खान आदि ने स्वागत किया|
जुलूस में सपा जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुखी,डॉ0 जितेन्द्र यादव,पूर्व विधायक अजीत कठेरिया,चन्द्रपाल यादव आदि बसपा व सपा के नेता आदि रहे|

बंदरो के हाथ में उस्तरा ना दे देश :बघेल

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Posted on : 26-04-2019 | By : JNI-Desk | In : Politics, Politics- Sapaa, Politics-BJP, Politics-BSP, Politics-CONG.

फर्रुखाबाद:(नवाबगंज) लोक सभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मुकेश राजपूत के समर्थन में जनसभा को सम्बोधित करने आये प्रदेश सरकार में मंत्री प्रो० एसपी सिंह बघेल ने कहा की देश राष्ट्रवाद पर चुनाव कर रहा है| इस लिए केंद्र की सत्ता बंदरों के हाथों में मत दें|
कस्बे के रामलीला मैदान में आयोजित चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए एटा के सांसद राजवीर सिंह राजू भैया ने कहा कि यह चुनाव देश को बचाने का चुनाव है| मोदी सरकार में 40 सैनिक शहीद हुए जिसका बदला 400 आतंकियों को मौत की नींद सुला कर लिया गया| कांग्रेस की सरकार में यह नही हुआ| उन्होंने कहा की मोदी है तो मुमकिन है|
सपा-बसपा के गठबंधन के विषय में कहा की जेल जाने के भय से गठबंधन किया गया है| साथ ही कहा की भाजपा की चुनाव की फसल बहुत अच्छी है| उसकी देखभाल बूथ पर नजर रखकर करें|कही सपा की साइकिल व बसपा का हाथी इसमे ना घुस जाये और फसल खराब करे|
प्रदेश सरकार के मंत्री प्रो० एसपी सिंह बघेल ने कहा कि देश के लोग ध्यान रखे की कही उस्तरा बंदरो के हाथ में ना चला जाये| जिससे वह सभी की  लहुलुहान कर दें| सपा की अखिलेश सरकार में महिलाएं सुरक्षित नही थी| जनपद एटा के अलीगंज में थोक में अपहरण का कारोबार होता था| लेकिन बीजेपी की सरकार आने के बाद से अब सभी सुरक्षित है|
उन्होंने कहा कि विधायक की सजा सांसद को मत देना और सांसद की सजा मोदी को मत देना| मुकेश मोदी की पूंछ पकड़कर चुनाव की बैतरणी पार कर रहे है| कांग्रेस प्रत्याशी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो चेहरे से,कपड़ो से अपने देश का ना लगे उसे वोट देनें का क्या मतलब|प्रदेश सरकार के मंत्री संदीप सिंह,प्रत्याशी मुकेश राजपूत,पूर्व विधायक कुलदीप गंगबार,मुनीश मिश्रा,शिबांग रस्तोगी,संतोष गुप्ता आदि रहे| संचालन विमल कटियार ने किया|