फर्रुखाबाद: केंद्र सरकार द्वारा भले ही शिक्षा को बच्चे का अधिकार बना दिया गया हो पंतु अभी तक आरमपुर के बच्चों को यह हक नहीं मिल सका है। शासन के निर्देश पर विकासखण्ड बढ़पुर के ग्राम आरमपुर में प्राथमिक विद्यालय तो स्वीकृत हो गया परन्तु यहां पर अभी तक किसी शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गयी। गांव के स्कूल में अभी तक किसी शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गयी है।
एक ओर जहां केन्द्र सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू करने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। वहीं प्रशासनिक मनमानी के चलते देश के नौनिहालों को स्कूल नसीब नहीं हो रहा है। आरमपुर ग्राम में कोई भी प्राथमिक विद्यालय न होने के कारण एक नवीन विद्यालय शासन द्वारा स्वीकृत किया गया। जिसकी धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद विद्यालय का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं करावाया गया, और न ही बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा यहां पर शिक्षक की नियुक्ति की गयी है। जिसके चलते बच्चों को दूसरे गांवों के स्कूलों में पढ़ने के लिए जाना पड़ रहा है। कुछ अभिभावक स्कूल दूर होने के कारण अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल नहीं भेज पा रहे हैं। जिससे बच्चे शिक्षा से महरूम बने हुए हैं।


