फर्रुखाबाद : मुख्य चिकित्साधिकारी राकेश कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सीएमएस को निर्देशित किया कि लोहिया अस्पताल में कर्मचारियों द्वारा प्राइवेट डाक्टरों की दलाली की जाती है। लोहिया में आने वाले मरीजों को कर्मचारी व बाहर से आने वाले जो मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में स्थानांतरित करवा देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी भूमिका में कोई कर्मचारी मिल गया तो उसके खिलाफ सख्त कर्यवाही की जायेगी। यह काम सफाई कर्मचारी व बार्ड व्यायों की मिलीभगत से हो रहा है। जिसको रोकने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने के भी निर्देश सीएमएस को दिये। उन्होंने कहा कि कमेटी इस बात से भी नाराज है कि यदि कोई कर्मचारी दलाली करने में लिप्त पाया जाये तो उसकी जानकारी मुझे दें तुरंत एफआईआर दर्ज करायी जायेगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी राकेश कुमार ने शुक्रवार को प्रातः लोहिया अस्पताल का निरीक्षण किया। बारीकी से निरीक्षण करने के बाद सीएमएस ने सीएमओ से शिकायत की कि लोहिया अस्पताल के चतुर्थश्रेणी कर्मचारी उनके दिशा निर्देश पर काम नहीं करते। जिस पर सीएमओ ने सीएमएस से कहा कि ऐसे कर्मचारी जो आपके दिशा निर्देश पर नहीं चल रहे हैं उनको तत्काल निलंबित करिये।
मुख्य चिकित्साधिकारी राकेश के लोहिया अस्पताल में पहुंचते ही अफरातफरी मच गयी। सीएमओ ने लोहिया अस्पताल के बार्डों का निरीक्षण कर गंदगी देख सीएमएस की फटकार लगायी। सीएमओ के निरीक्षण के दौरान अचानक उनकी नजर ओपीडी के काउंटर पर पड़ी। जहां पर उन्होंने पर्चे बना रहे क्लीनर से पर्चों से समबंधित अभिलेख चेक किये। रजिस्टर चेक करने के दौरान रजिस्ट्रेशन संख्या में गड़बडत्री होने पर सीएमओ का पाला चढ़ गया और उन्होंने सीएमओ को त्तकाल आदेश दिया कि ओपीडी व इमरजेंसी का रजिस्टर चेक किया जायेगा।
सुबह तक के मरीज ओपीडी रजिस्टर में चढ़ाये जायेंगे। 2 बजे के बाद उसके अगले तारीख में संख्या चड़ेगी। वहीं उहोंने निर्देश दिये कि महिला व पुरुष अभ्यर्थियों का एक ही पंजीकरण रजिस्टर होगा। पहले स ेचल रहे अलग- अलग रजिस्टरों को तत्काल बंद करने के निर्देश दिये।
सीएमओ की नजर अचानक जमीन पर पड़े मरीज शिवकुमार पर गयी। जिस पर सीएमएस की जमकर क्लास लगायी। उन्होंने कहा कि अगर कोई मरीज जमीन पर लेटा मिल गया तो कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिये कि कोई भी बार्ड व्याय किसी मरीज के इन्जेक्शन नहीं लगायेगा।
लोहिया कैम्पस में प्राइवेट एम्बुलेंस खड़ी मिली तो होगी कार्यवाही
मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 राकेश कुमार ने निर्देश दिये कि लोहिया अस्पताल कैम्पस के अंदर किसी भी प्राइवेट एम्बुलेंस को खड़ा नहीं होने दिया जायेगा। प्राइवेट एम्बुलेंस लोहिया कैपस के अंदर खड़ी होती हैं तो उन पर कार्यवाही समझिये। प्राइवेट एम्बुलेंस चलाने वाले मरीजों का शोषण कर धन उगाही कर लेते हैं। इस पर रोक लगायी जा सकती है। उन्होंने बताया कि लोहिया अस्पताल में दो नये एमबीबीएस डाक्टर भी आ गये है। लोहिया अस्पताल में काफी दिनों से चिकित्सकीय संकट हो रहा है। सीएमओ राकेश कुमार ने बताया कि लोहिया अस्पताल में डाक्टरों की कमी को देखते हुए स्वतः एमबीबीएस डाक्टरों को उपलब्ध करा दिया जायेगा।
चतुर्थश्रेणी कर्मचारी को निलंबित करने से घबराये
मुख्य चिकित्साधिकारी निरीक्षण करने के बाद जब सीएमएस नरेन्द्र बाबू कटियार के कार्यालय में पहुंचे तो इसी दौरान सीएमएस नरेन्द्रबाबू कटियार ने कहा कि लोहिया की स्थिति बिगाडन्ने में सबसे ज्यादा हाथ बार्ड व्याय व चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों का है। वह लोग हमारी बात नहीं मानते व मुझ पर दबाव डालकर अस्पताल के काम में बाधा पहुंचाता रहा है। उन्होंने सीएमएस से कहा कि तत्काल कर्मचारी को निलंबित क्यों नहीं करते। जिस पर सीएमएस ने अपने हाथ खड़े कर दिये और कहा कि चतुर्थश्रेणी कर्मचारी को निलंबित करना मेरे बस की बात नहीं है। जिसको सुनकर सीएमओ भौचक्के रह गये। तो सीएमएस बोले कि आप इनको यहां से स्थानांतरित कर दें तो वह लोहिया को एम्स बना देंगे। जिस पर सीएमओ ने सीएमएस से कार्य में बाधा पहुंचाने वाले बार्ड व्याय व चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों की लिस्ट दें। सीएमओ ने लोहिया अस्पताल का तकरीबन एक घंटे निरीक्षण किया।



