मिलावटी डीजल बनाने वालों को पुलिस निजी वाहन से लायी कचहरी

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फर्रुखाबाद: करनी का फल एक न एक दिन भुगतना ही पड़ता है। कुछ ऐसा ही हुआ तेल माफिया लवी पालीवाल के साथ। उसने तो न जाने कितने गरीब लोगों के पेट पर लात मारकर अपनी तिजोरियां भरीं। लेकिन कहते हैं कि ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती लेकिन इस बार ऊपर वाले की लाठी की आवाज लवी पालीवाल को ही नहीं वल्कि पूरे शहर को सुनायी दी और अब लवी कनौजिया अपने सागिर्दों के साथ जेल की हवा खाने के लिए रवाना हो गये। बीते दिन मिलावटखोरों की मारपीट से दहशत में आयी पुलिस शुक्रवार को लवी पालीवाल व उसके अन्य साथियों को लेकर जैसे ही कचहरी में प्रवेश की तो वह अपने निजी वाहन में सवार थे। यह देखकर मीडिया का आकर्षण अनायास ही तेल माफिया की तरफ हो गया।

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बीते दिन कचहरी में पहुंचते ही मिलावटखोरों की जो पिटायी हुई वह किसी से छिपी नहीं। यह खबर हवालात में बंद तेल माफिया लवी पालीवाल के कानों तक भी पहुंची और पुलिस भी सकते में आ गयी। शुक्रवार को सुबह से ही शहर में लवी पालीवाल की पिटायी होने की खबर पहले से ही शहर में जंगल की आग की तरह फैल गयी। मीडिया के अलावा अन्य लोग भी लवी पालीवाल पर निगाहें जमाये बैठे थे। पुलिस को भी यह विश्वास हो गया कि पिटायी लवी पालीवाल की भी पक्की ही समझो। पुलिस ने चालाकी दिखाते हुए लवी पालीवाल व उसके अन्य तीन साथी मुकेश गुप्ता निवासी राजेपुर, ब्रहमाशंकर गुप्ता निवासी अल्लागंज, लल्ला सिंह को प्राइवेट मारुति वेन में लेकर पहुंचे। इधर मीडिया व अन्य लोग आज सिर्फ इन्हीं लोगों का इंतजार कर रहे थे। प्राइवेट वाहन से उतरते ही पुलिस ऐसे चारो तेल माफियाओं को घेरकर चल रही थी कि मानो लवी पालीवाल न होकर कोई वीआईपी नेता जा रहा हो।

अदालत में पेश होने के बाद चारो माफियाओं को पुलिस एक प्राइवेट वाहन मारुति वेन में बिठाकर ले जाने लगी। जिस पर मीडिया सक्रिय होते ही पुलिसकर्मियों के हाथ पैर फूल गये। मौके की नजाकत को भांप पुलिसकर्मियों ने आनन फानन में चारो को वेन से उतारकर टैक्सी पर बैठा लिया। टैक्सी से जिला जेल ले जाया गया।

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