सर्राफा व्यापारियों को राहत, 5 लाख तक के आभूषणों पर नहीं लगेगी एक्साइज ड्यूटी

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नई दिल्ली।। फाइनैंस बिल पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बजट में जूलरी पर लगाई गई एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री पर 1% टीडीएस को भी वापस ले लिया गया है। बजट में 50 लाख से ज्यादी कीमत की प्रॉपर्टी पर 1% टीडीएस का प्रावधान किया गया था। इसके अलावा वित्त मंत्रालय ने ऐंटि-अवॉयडेंस रूल (जीएएआर) में संशोधन का भी प्रस्ताव रखा है। फिलहाल इसे एक साल के लिए टाल दिया गया है।
जीएएआर के दायरे में इंडीविजुअल्स, भारतीय कंपनियां और फॉरेन इनवेस्टर्स आ रहे थे। इस नियम के तहत टैक्स अधिकारी अगर इस नतीजे पर पहुंचते कि सैलरी स्ट्रक्चर का मकसद टैक्स बचाना है, तो वह टैक्स बेनिफिट देने से मना भी कर सकता था और साथ ही ऐसे क्लेम पर इंटरेस्ट और पेनल्टी भी लगाया जा सकता था। विदेशी निवेशक ज्यादातर पी-नोट्स के जरिए भारतीय बाजार में निवेश करते हैं, वे भी इससे प्रभावित हो रहे थे। मार्केट सूत्रों के मुताबिक, जीएएआर का प्रस्ताव आने के बाद से बड़ी संख्या में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से पैसा निकाला या अपनी निवेश योजना टाल दी।
क्राइसिस मैनेजमेंट के लिए मशहूर मुखर्जी ने सोमवार को इनवेस्टर्स की आशंका को दूर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जीएएआर को अब 2013-14 में लागू किया जाएगा। वित्त मंत्री ने यह घोषणा भी की कि 5 लाख तक की कीमत के आभूषणों की खरदी पर एक्साइज ड्यूटी नहीं ली जाएगी। प्रणव के इस ऐलान से सर्राफों ने राहत की सांस ली है। गौरतलब है कि बजट में एक्साइज ड्यूटी के ऐलान के बाद से ही देशभर में सर्राफ आंदोलन करने लगे थे। सरकार के आश्वासन के बाद उन्होंने अपना आंदोलन वापस लिया था।

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