बिना हथेलियों के छोटी सी बच्ची ने जीता नेशनल अवार्ड

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एनी क्लार्क अपने पिता टॉम और मैरी एलेन क्लार्क की गोद ली हुई छह संतानों में से एक है. जन्म से ही एनी की हथेलियां नहीं है. उंगलियां न होने पर इस छोटी सी बच्ची ने हार नहीं मानी. अपने जिद से उसने पढ़ना भी शुरू किया. एनी की उपलब्धियों की वजह से उन्हें नेशनल पेनमैनसिप अवार्ड से नवाजा गया है. उसे एक ट्रॉफी के अलावा टेक्सट्बुक पब्लिशिंग कंपनी की ओर से एक हजार डॉलर का एक चेक भी दिया गया.

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साथ ही जेनर ब्लॉसर इंक की ओर से पेनमैनशिप का निकोलस मैक्सिम अवार्ड से भी नवाजा गया. यह अवार्ड पिछले वर्ष इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले पांचवी कक्षा के बालक निकोलस मैक्सिम के नाम रखा गया था. एनी की तरह मैक्सिम की भी हथेलियां नहीं थी, लेकिन उसने अपनी लेखन प्रतिभा से निर्णायकों को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने अवार्ड में अपाहिज बच्चों के लिए एक अलग श्रेणी बनाने का फैसला लेना पड़ा.

एनी को यह अवार्ड विल्सन क्रिश्चियन एकेडमी में दिया गया. एनी ने अपनी कद से लगभग आधी ऊंचाई वाली अवार्ड ट्रॉफी को खुद अपने हाथों के बीच में थामा. उन्होंने दर्शकों को यह भी दिखाया कि वह अपने अविकसित हाथों के बीच पेंसिल को थाम कर कैसे लिख सकती है.

खुद करती है सारा काम

एनी की मां मैरी बताती है कि वह पूरी तरह से आत्मनिर्भर है. एनी खुद कपड़े पहन सकती है, खा-पी सकती है और साथ ही बड़ी आसानी से पानी का बोतल भी खोल लेती है. वह अपना काम खुद करना पसंद करती है.

बिना हथेलियों के ही एनी आईपॉड और कंप्यूटर का इस्तेमाल भी कर लेती है. एनी की मां को उम्मीद है कि यह अवार्ड एनी के अंदर इस तरह आत्मविश्वास भरने में मददगार साबित होगा कि वह कुछ भी करने में सक्षम होगी.

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