माया के भ्रष्ट मंत्रियों की खुल रही पोल, दो और लोकायुक्त के घेरे में

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लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश के मंत्रियों का भ्रष्टाचार अब खुलकर सामने आने लगा है। लोकायुक्त के निशाने पर बसपा के कई मंत्री हैं, उनमें ताजा दो नाम और जुड़ गये हैं। एक हैं राजस्व मंत्री फागू चौहान और दूसरे पर्र्यटन राज्य मंत्री विनोद कुमार सिंह। इसके अलावा फतेहपुर से बसपा विधायक आदित्य पांडेय भी लोकायुक्त के घेरे में हैं। इन नेताओं पर विधायक निधि के दुरुपयोग की शिकायत है।

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लोकायुक्त को फागू चौहान के खिलाफ शिकायत मिली है कि उन्होंने मऊ जिले में छोटी सरयू ड्रेन की खुदाई के लिए विधायक निधि से वर्ष 2007-08 मे लगभग एक करोड़ और 2009 में 65 लाख रुपये जारी कर अपने भाई के लड़के को ठेका दिलाया, और यह धनराशि हड़प ली। ड्रेन की खुदाई का काम चहेते ठेकेदारों को दिलाने के लिए बरती गयी अनिमितताओं तथा खुदाई के सम्बन्ध में सिंचाई विभाग के शासनादेश का जिक्र करते हुए कहा गया है कि जुलाई 2007 से अब तक छोटी सरयू ड्रेन की खुदाई के नाम पर भारी गोलमाल किया गया है।

शिकायत के समर्थन में लगभग एक दर्जन साक्ष्य भी लगाये गये हैं। वहीं पर्यटन मंत्री विनोद सिंह के खिलाफ शिकायत है कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र लभुआ के केनेरो गांव में करीब 200 एकड़ सरकारी भूमि पर कब्जा किया है। वह अब इस भूमि पर कृषि विज्ञान केन्द्र बनवा रहे हैं। मंत्री पर अपनी विधायक निधि से इस केन्द्र के लिए करीब 50 लाख रुपये भी देने की शिकायत है। विधायक निधि का दुरुपयोग कर मंत्री सरकारी भूमि पर एक छह मंजिला का पलेक्स बनवा रहे हैं।

बसपा विधायक आदित्य पांडेय के खिलाफ भी लोकायुक्त को ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जा करने, विधायक निधि का दुरुपयोग करने, अनैतिक तरीके से सम्पत्ति अर्जित करने और 2007 के विधानसभा चुनाव में दाखिल शपथपत्र में आपराधिक इतिहास छिपाने की शिकायतें मिली हैं। मौजूदा समय में लोकायुक्त एन.के. मल्होत्रा मायावती सरकार के करीब दस मंत्रियों की वित्तीय एवं अन्य अनियमितताओं की पड़ताल कर रहे हैं।

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