जागरूक हुई जनता: आधी रात को पकड़वा दी कोटेदार की करतूत

0
97

फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के अधिकांशतः हर गाँव कस्बे के सरकारी राशन की दुकानों में कालाबाजारी होती है| इन पर निगरानी रखने वाले और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कर्मी इस कालाबाजारी में हिस्सा पाते पाते है| मगर अगर जनता जागरूक हो जाए तो इन कोटेदारो और सम्बन्धित अधिकारिओ और कर्मचारियो को नंगा होते देर नहीं लगेगी|

[adrotate banner="3"]

ऐसी ही एक पहल देर रात फर्रुखाबाद की कायमगंज तहसील के पहाडपुर गाँव की जनता ने कर दी| कोटेदार रात 12 बजे के बाद ट्रैक्टर में राशन का बचा हुआ गेंहू, चावल, दाल कालाबाजारी के मकसद से लदवा कर बेचने की तैयारी कर रहा था| उसी समय प्रधान उदय कुमार चौहान और अन्य ग्रामीणों ने इलाके के कम्पिल थाने को फोन कर पुलिस से माल पकडवा दिया| मौके पर मौजूद कोटेदार अवनीश कठेरिया को दबोचना पुलिस ने उचित नहीं समझा| वो घर में छिपने में कामयाब हो गया|

भ्रष्टाचार की जड़े इस कदर गहरी है कि आम जनता को पुलिस सहित किसी भी सरकारी अमले पर भरोसा नहीं रहा| इस बात की तस्दीक इसी बात से हो जाती है कि रात 2.30 बजे गाँव के प्रधान सहित कई लोगो ने जेएनआई को फोन लगाया और कहा कि जेएनआई इसी समय ये खबर चला दे ताकि पुलिस वाले कोई सौदेबाजी कोटेदार से न कर सके| जे एन आई ने उन्हें भरोसा दिलाया कि ऐसा हरगिज नहीं होने नहीं दिया जायेगा और वे इसकी सूचना तत्काल पुलिस कप्तान को भी दे दें| ग्रामीणों ने ऐसा ही किया| खबर लिखे जाने तक लगभग 25 कुंतल गेंहू, चावल और दाल से भरा ट्रैक्टर कपिल थाने में खड़ा है और ग्रामीण उस ट्रैक्टर पर बैठे है ताकि कालाबाजारी के इस मामले को अंत तक पंहुचा सके|

इन सबके बीच सबसे शर्मनाक बात ये निकली कि आम जनता को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के किसी कर्मी या अधिकारी का मोबाइल नंबर तक नसीब नहीं हुआ| उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री भले ही मीडिया में ये बयान छपवाए कि वे पारदर्शिता चाहती है और गरीबो की हमदर्द हैं मगर किसी भी कोटेदार की दुकान के बाहर अधिकारी का नंबर नहीं लिखा होना या लिखे होने के बाबजूद कोई जबाब न मिलना इस बात का संकेत है कि भ्रष्टाचार की गंगा में ऊपर से लेकर नीचे तक ता लगा रहे है और जनता को बेबकूफ बना रहे है|

खाद्य विभाग रविवार को छुट्टी मना रहा है| कालाबाजारी का हिस्सा रविवार को नहीं लेंगे ऐसा शायद ये नहीं करते होंगे मगर न्याय दिलाने और कालाबाजारी पकड़ने में इन्हें रविवार की छुट्टी याद आ रही है|

कम्पिल थाने से बात करने पर बताया गया कि किसी पूर्ती निरीक्षक और तहसीलदार को खबर दे दी गयी है|

[adrotate banner="2"]