सूर्य पूजन के साथ 38वें मानस सम्मेलन का भव्य शुभारंभ

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) नगर के रेलवे रोड स्थित पंडाबाग के श्री पाण्डेश्वर नाथ मंदिर के सत्संग भवन में मानस विचार समिति की ओर से आयोजित 38वें मानस सम्मेलन का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और सूर्य पूजन के साथ भव्यता से हुआ। कार्यक्रम में श्री गणेश, श्री राम दरबार, श्री हनुमान जी महाराज एवं श्रीरामचरित मानस का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया।मुख्य यजमान प्रधानाचार्य डॉ. होम सिंह ने पत्नी श्रीमती मालती देवी के साथ पं. रामेन्द्र नाथ मिश्रा, डॉ. रामबाबू पाठक और पं. विशेष पाठक की मौजूदगी में देवी-देवताओं एवं मानस ग्रंथ का पूजन किया। इसके बाद संत शिरोमणि स्वामी लक्ष्मीनारायण सरस्वती, स्वामी श्यामानन्द सरस्वती, रामरथ सरस्वती, अवधेशानंद जी सरस्वती, कमलानंद सरस्वती, स्वामी सम्पूर्णानंद सरस्वती एवं मुख्य यजमान ने सम्मेलन में पहुंचे संतों का स्वागत किया।मानस विद्वान डॉ. रामबाबू पाठक ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरित मानस मानव जीवन में धर्म, कर्म, अर्थ और मोक्ष के महत्व का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि रामायण और रामराज्य की मूल भावना धर्म पर आधारित है। सम्मेलन का उद्देश्य समाज में सद्भाव, सुख और मंगल की भावना को मजबूत करना है।संत शिरोमणि स्वामी लक्ष्मीनारायण सरस्वती ने कहा कि श्रीरामचरित मानस परिवार, समाज और राष्ट्र में व्यक्ति के चरित्र निर्माण का मार्ग दिखाता है। जीवन की विषम परिस्थितियों में भी मानस मनुष्य को उचित मार्गदर्शन देता है। उन्होंने कहा कि केवल रामायण का अध्ययन ही नहीं, बल्कि उसके आदर्शों को अपने आचरण में उतारना भी आवश्यक है।कार्यक्रम में सुरजीत पाठक (बन्टू भैया), अपूर्व पाठक, नरेश दुबे, अखिलेश शुक्ला, ज्योति स्वरूप अग्निहोत्री, बृजेन्द्र श्रीमाली, अशोक शुक्ल, सदानन्द शुक्ल, अद्भुत और अभिषेक समेत बड़ी संख्या में श्रीराम भक्त मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने मानस ग्रंथ एवं देवी-देवताओं की आरती उतारी। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया।आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मानस सम्मेलन में शामिल होने की अपील की। सम्मेलन के अंतर्गत प्रतिदिन सायंकाल चार बजे से रात नौ बजे तक धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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