स्वास्थ्य केंद्र में डीएम ने परखी व्यवस्थाएं, अनुपस्थित फार्मासिस्ट पर कार्रवाई के निर्देश

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फर्रुखाबाद:(अमृतपुर संवाददाता) तहसील में आयोजित तहसील समाधान दिवस के बाद जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने कर्मचारियों की उपस्थिति, ओपीडी, दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं, प्रसव सेवाओं और मरीजों को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली।पीएचसी अमृतपुर के निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव वर्मा मौजूद मिले। अधिकारियों को बताया गया कि केंद्र पर प्रतिदिन औसतन 200 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। निरीक्षण के समय तक 130 से अधिक मरीजों को देखा जा चुका था। मरीजों की संख्या को देखते हुए डीएम ने ओपीडी व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने तथा मरीजों को समय से चिकित्सकीय परामर्श, जांच और उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।प्रसव सेवाओं की समीक्षा में बताया गया कि एक एएनएम के मातृत्व अवकाश पर जाने और दूसरी एएनएम के पदोन्नति के बाद छह माह के प्रशिक्षण पर होने के कारण पिछले दो दिनों से प्रसव सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इस पर डीएम के निर्देश पर सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने पीएचसी अमृतपुर में एक स्टाफ नर्स की नियुक्ति के आदेश दिए, जिससे प्रसव सेवाएं दोबारा सुचारु हो सकें।डीएम और सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद मरीजों से बातचीत कर उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों से क्षेत्र में सामने आ रही बीमारियों के बारे में भी जानकारी ली और किसी भी असामान्य स्थिति की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति पर विशेष निगरानी रखने तथा सभी स्वास्थ्यकर्मियों को अपने दायित्वों का समय से निर्वहन सुनिश्चित कराने को कहा।सीएचसी अमृतपुर में उपलब्ध सीबीसी सहित अन्य जांच मशीनों को सुचारु रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि तकनीकी समस्या आने पर तत्काल उसका समाधान कराया जाए, ताकि मरीजों को आवश्यक जांच के लिए परेशानी न उठानी पड़े। इसके बाद डीएम ने पीएचसी पिथनापुर का भी निरीक्षण किया। यहां प्रसव सेवाओं की जानकारी लेने पर बताया गया कि एएनएम अंजुम निशा द्वारा औसतन एक माह में 30 से अधिक प्रसव कराए जाते हैं। प्रसूताओं की स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा में उपलब्ध जांच के अनुसार 9 ग्राम से अधिक हीमोग्लोबिन वाली प्रसूताओं की संख्या संतोषजनक पाई गई। अधिकारियों ने गर्भवती एवं प्रसूता महिलाओं की नियमित निगरानी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।पीएचसी पिथनापुर में कर्मचारियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं और साफ-सफाई की भी जानकारी ली गई। सीएचसी राजेपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमित राजपूत को क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी कर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए।बाढ़ के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी डीएम ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने जलजनित और संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ाने, स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा बीमारी के लक्षण मिलने पर समय से उपचार उपलब्ध कराने को कहा।डीएम ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को समय से उपचार और आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

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