फर्रुखाबाद:(राजेपुर संवाददाता) इटावा-बरेली हाईवे पर गंगा पुल के बाद अब रामगंगा पुल के चार जोड़ खुलने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई है। जोड़ों के बीच बढ़ी दूरी वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। हादसे की आशंका को देखते हुए एनएचएआई ने चार दिन पहले मरम्मत का काम शुरू कराया, लेकिन जोड़ों के आसपास कोन और बोल्डर रखे जाने से पुल का आधे से अधिक हिस्सा प्रभावित हो गया
है। पुल पर एक साथ दो वाहनों के निकलने में दिक्कत होने के कारण दिन में कई बार जाम की स्थिति बन रही है। गुरुवार सुबह भी पुल पर यातायात संभालने के लिए कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं दिखा। ऐसे में वाहन चालक खुद ही रास्ता बनाने को मजबूर रहे। स्थानीय लोगों ने मरम्मत कार्य जल्द पूरा कराने के साथ पुल पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।पांचाल घाट गंगा पुल के जोड़ भी हुए खतरनाकपांचाल घाट स्थित गंगा पुल पर भी तीन जोड़ों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। करीब एक माह पहले एक जोड़ की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन दो अन्य जोड़ों के बीच दूरी लगातार बढ़ रही है। सीमेंट उखड़ने से सरिया बाहर दिखाई देने लगी है। इससे पुल से गुजरने वाले वाहन चालकों में हादसे की आशंका बनी हुई है।रामगंगा पुल के उस पार
हुल्लापुर निवासी कुलदीप ने बताया कि चार दिन से पुल के जोड़ों की मरम्मत का काम बंद पड़ा है। मरम्मत के दौरान तोड़फोड़ किए जाने से जोड़ों के बीच जगह और बढ़ गई है। ऊपर से कोन और बोल्डर रखे होने के कारण यातायात संकरा हो गया है और जाम की समस्या पैदा हो रही है।रामगंगा पुल के पास मिले रामकेश ने बताया कि रामगंगा में बाढ़ के चलते आसपास पानी भरा हुआ है। पशुओं को चराने के लिए पुल की ओर आना पड़ता है। खुले जोड़ और जाम के कारण परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि खुले जोड़ों में पशुओं के खुर फंसने का भी खतरा बना हुआ है।
रामगंगा के पुल के जोड़ खुले, रिपेयरिंग कार्य से यातायात बाधित
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