नीब करोरी बाबा के नाम से बनेगा आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट महासमाधि दिवस पर शुरू किए पांच विशेष टूर पैकेज

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फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला) संत नीब करोरी बाबा के महासमाधि दिवस पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने उनकी आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। बाबा के जीवन, साधना, जन्मस्थली और समाधि से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़कर ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ विकसित किया जा रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने श्रद्धालुओं के लिए पांच विशेष टूर पैकेज भी शुरू किए हैं।पर्यटन विभाग के अनुसार इन पैकेजों में 2, 3 और 5 दिन की यात्राएं शामिल हैं। पर्यटकों की मांग के अनुसार इनका संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा से जुड़े प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन में सुविधा मिलेगी।फर्रुखाबाद और फिरोजाबाद में करोड़ों के विकास कार्यबाबा नीब करोरी की जन्मस्थली फिरोजाबाद के अकबरपुर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। फेज-1 के तहत 8.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि 2.22 करोड़ रुपये की फेज-2 परियोजना का 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी शुरू की जाएगी।फर्रुखाबाद स्थित नीब करोरी आश्रम के विकास के लिए 1.51 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी हो चुकी है। इस प्रकार दोनों जिलों में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर करीब 12.93 करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।अकबरपुर में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएंअकबरपुर में बहुद्देशीय सभागार, सांस्कृतिक ब्लॉक और बाबा के जीवन व आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित आधुनिक प्रदर्शनी हॉल तैयार किया जा रहा है। यहां डाइनिंग हॉल, 50 लोगों की क्षमता वाली कैफेटेरिया, रसोई, शौचालय और करीब 60 लोगों के ठहरने के लिए डॉरमेट्री भी विकसित की जा रही है। फेज-2 में गार्ड रूम, सार्वजनिक सुविधाएं और पत्थर के रास्ते बनाए जा रहे हैं।ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत प्रवेश द्वार, संकेतक, म्यूरल वॉल सहित अन्य पर्यटक सुविधाएं विकसित होंगी। फर्रुखाबाद के आश्रम में यात्रियों के ठहरने के लिए भवन, मुख्य द्वार और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास पहले ही किया जा चुका है।जन्मस्थली से महासमाधि स्थल तक जुड़ेगा सर्किट‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ में वृंदावन का समाधि मंदिर, फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद का नीब करोरी बाबा आश्रम धाम मंदिर और लखनऊ का हनुमान सेतु मंदिर शामिल किए गए हैं। वृंदावन में वर्ष 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी। वहीं फर्रुखाबाद स्थित आश्रम को बाबा की साधना से जोड़कर देखा जाता है, जहां मान्यता के अनुसार उन्होंने भूमिगत गुफा में करीब 12 वर्ष साधना की थी।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि बाबा नीब करोरी का आस्था, सादगी और सेवा का संदेश आज भी देश-दुनिया के लोगों को प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बाबा की विरासत को संरक्षित करने के साथ ही उससे जुड़े स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर रही है।अपर मुख्य सचिव एवं पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात ने कहा कि नया सर्किट प्रदेश के आध्यात्मिक पर्यटन में महत्वपूर्ण आयाम जोड़ेगा। विशेष टूर पैकेजों के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों की यात्रा अधिक सुगम होगी। टूर पैकेज की जानकारी के लिए: +91 91490 99890 पर संपर्क किया जा सकता है अथवा यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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