फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में शनिवार को शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता एवं सांसद मुकेश राजपूत के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस दौरान गोरखपुर में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शिक्षक सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण भी किया गया। प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित शिक्षकों में फर्रुखाबाद की शिक्षिका गीता वर्मा भी शामिल रहीं।जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि शिक्षक के लिए शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी के व्यक्तित्व को तराशने का अवसर है। शिक्षकों द्वारा पूरे वर्ष की गई मेहनत और लगन का प्रतिफल ही शिक्षक सम्मान है। उन्होंने कहा कि विद्यालय और विद्यार्थी की वास्तविक पहचान शिक्षक के प्रभावी व्यक्तित्व से होती है।उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ मोबाइल और इंटरनेट के सदुपयोग की जानकारी देने का आह्वान किया, ताकि विद्यार्थी आधुनिक तकनीक का प्रयोग अपने विकास और राष्ट्र की उन्नति में कर सकें। उन्होंने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों में 19 पैरामीटर पर लगातार कार्य कराया जा रहा है।मुख्य अतिथि सांसद मुकेश राजपूत ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में गुरु का होना ईश्वरीय कृपा के समान है। बच्चों का उज्ज्वल भविष्य शिक्षकों की कार्यशैली पर निर्भर करता है। उन्होंने परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों से अपने बच्चों को भी परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।विधायक अमृतपुर सुशील कुमार शाक्य ने कहा कि समाज निर्माण में गुरु की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विद्यार्थी को ऊंचाइयों तक पहुंचाने में शिक्षक का विशेष योगदान रहता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित शिक्षकों में फर्रुखाबाद की शिक्षिका गीता वर्मा का शामिल होना जिले के लिए गर्व की बात है।विधायक भोजपुर नागेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि शिक्षकों को बच्चों को ज्ञान के साथ संस्कार भी प्रदान करने चाहिए, ताकि वे शिक्षित होने के साथ सफल और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। जिला पंचायत प्रशासक मोनिका यादव ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की उन्नति में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बच्चों में शिक्षक के आचरण और विचारों का गहरा प्रभाव पड़ता है।समारोह में परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 1576 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 13 विद्यालय पीएमश्री योजना के अंतर्गत शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक कार्यरत हैं। जिले में दो विद्यालय मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय योजना के तहत बनाए जा रहे हैं।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह सहित संबंधित अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।
शिक्षक सम्मान समारोह में बोले डीएम-शिक्षकों की मेहनत और लगन का प्रतिफल है सम्मान
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