जेल की सलाखों के बीच गूंजा भाई-बहन के प्रेम का पर्व रक्षाबंधन

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुक्रवार को सेन्ट्रल जेल फतेहगढ़ और जिला जेल फतेहगढ़ में भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास की भावुक तस्वीर देखने को मिली। जेल की ऊंची दीवारों और कड़ी सुरक्षा के बीच जब बहनें अपने भाइयों से मिलने पहुंचीं तो माहौल भावनाओं से भर गया। भीषण गर्मी भी बहनों के उत्साह और अपने भाइयों से मिलने की उमंग को कम नहीं कर सकी। पूरे दिन दोनों जेलों में मुलाकातियों की भारी भीड़ बनी रही।रक्षाबंधन के अवसर पर जेल प्रशासन की ओर से विशेष मुलाकात व्यवस्था की गई थी, ताकि बहनों को किसी तरह की परेशानी न हो और वह अपने निरुद्ध भाइयों से शांतिपूर्ण ढंग से मिलकर रक्षाबंधन का पर्व मना सकें। सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में राखी, मिठाई और भाई के लिए प्रेम का संदेश लेकर जेल परिसर पहुंचने लगीं। जिला जेल में 510 महिलाएं और 5 पुरुष मुलाकाती पहुंचे जिला जेल फतेहगढ़ में रक्षाबंधन के अवसर पर 510 महिला और 5 पुरुष मुलाकाती अपने परिजनों से मिलने पहुंचे। इन मुलाकातियों ने जेल में निरुद्ध 329 पुरुष और 2 महिला बंदियों से मुलाकात की। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान कई बहनों और भाइयों की आंखें भी नम हो गईं।राखी बांधने के बाद भाइयों ने भी अपनी बहनों को विश्वास दिलाया कि वह भविष्य में अपराध की राह से दूर रहकर बेहतर जीवन जीने का प्रयास करेंगे। कई बंदियों ने अपनी बहनों के सामने अपराध से दूरी बनाने और समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया। विशेष व्यवस्था से कराई गईं सभी मुलाकातें जिला जेल अधीक्षक अरविन्द श्रीवास्तव ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए जेल प्रशासन द्वारा पहले से ही विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ मुलाकात की प्रक्रिया को सुचारु बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन पर आने वाली सभी बहनों की सकुशल मुलाकात करा दी गई और किसी को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है। जेल में निरुद्ध बंदियों के लिए भी यह दिन भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण होता है। बहनों से मुलाकात के बाद बंदियों में सकारात्मक भाव पैदा होता है और उन्हें अपराध छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौटने की प्रेरणा मिलती है। भीषण गर्मी में भी नहीं टूटा बहनों का हौसला रक्षाबंधन पर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनों को लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन तेज गर्मी के बावजूद उनके कदम नहीं रुके। कोई भाई के लिए राखी लेकर पहुंची तो कोई मिठाई और जरूरी सामान लेकर। जेल परिसर में सुरक्षा जांच और निर्धारित प्रक्रिया के बाद बहनों को मुलाकात के लिए भेजा गया।रक्षाबंधन के दौरान जेल परिसर में भाई-बहन के मिलन का दृश्य भावुक कर देने वाला रहा। कुछ समय की मुलाकात में बहनों ने भाइयों को परिवार और जिम्मेदारियों की याद दिलाई तो भाइयों ने भी बहनों को भरोसा दिलाया कि वह जेल से बाहर आने के बाद नई शुरुआत करेंगे।रक्षाबंधन का यह पर्व जेल की चारदीवारी के भीतर भी रिश्तों की गर्माहट और भाई-बहन के प्रेम की मजबूती का संदेश दे गया।

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