फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) विधान सभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, दावेदारों के माथे पर बल नजर आनें लगा है | इसी चुनावी गुणा-गणित के बीच समाजवादी पार्टी से जुड़ी एक तस्वीर नें सत्ता से जुड़े हर सियासतदानों में बेचैनी बढ़ा दी है, तस्वीर भी सपा सुप्रीमों के साथ सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष सरल दुबे की है | जिसमे सपा सुप्रीमों के साथ सरल दुबे की नजदीकी को देखकर राजनीति के पंडितों का ध्यान भी खींचा है |
दरअसल सरल दुबे साल 1996 में सपा के निर्वाचित महानगर अध्यक्ष बने थे, दरअसल उस समय सपा में पदाधिकारियों का मनोनयन नही होता था, पदाधिकारियों का निर्वाचन किया जाता था | सपा से सरल की नजदीकी भी किसी से छुपी नही है | पूर्व में सपा के दिग्गज नेता जनेश्वर मिश्र सरल के घर पर आ चुके है | सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव विगत दौरे सरल के घर पंहुच कर परिवार से मिले थे, जिसे राजनैतिक चाणक्य अपने कायस पूर्व से ही लगाने लगे थे | शनिवार को लखनऊ में आयोजित सपा के सुप्रीमों अखिलेश यादव के द्वारा की गयी प्रेस वार्ता में उनके साथ सरल दुबे के मंच साझा करने की तस्वीर सरल दुबे के राजनैतिक कद को साझा करती नजर आ रहीं हैं | पार्टी सूत्रों के मुताबिक एक तरफ जहां सपा सदर सीट पर ब्राह्मण कार्ड खेलकर पीडीए के साथ ही सवर्णों मतदाताओं को भी अपने पक्ष में करने का प्रयास में हैं | उधर सरल दुबे और अखिलेश यादव के बीच कई दौर की मुलाकात से शहर में चर्चा जोरों पर है |
सदर विधान सभा को ‘सरल’ बनाने की तरफ तो नही सपा!



