फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जनपद में प्राइवेट स्कूलों द्वारा एडमिशन फीस, कॉपी-किताब व अन्य सामग्री को लेकर अभिभावकों पर बनाए जा रहे दबाव के विरोध में गुरुवार को बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा के नेतृत्व में अभिभावक और जागरूक नागरिकों की बड़ी संख्या जिलाधिकारी कार्यालय फतेहगढ़ पहुंची। जिलाधिकारी के अवकाश पर होने के कारण
उप जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए छह प्रमुख मांगें रखी गईं। इसमें सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य करने, निजी प्रकाशनों की किताबों पर रोक लगाने, हर वर्ष वसूले जाने वाले प्रवेश शुल्क को बंद करने तथा फीस की पूरी जानकारी रसीद में स्पष्ट रूप से देने की मांग शामिल है। साथ ही स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही किताबें व सामग्री खरीदने के दबाव को भी बंद करने की बात कही गई।
भईयन मिश्रा ने कहा कि जनपद में प्राइवेट स्कूल खुलेआम लूट का अड्डा बन चुके हैं, जहां गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का शोषण हो रहा है। उन्होंने बताया कि नर्सरी स्तर पर ही एक बच्चे की सालाना पढ़ाई का खर्च एक लाख रुपये से अधिक पहुंच चुका है, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति चरमरा रही है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तीन दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो चौक पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला महामंत्री अंगद पांडे ने भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई कम और दिखावा अधिक हो रहा है, जबकि अभिभावकों से भारी भरकम रकम वसूली जा रही है, जो किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ज्ञापन देने वालों में राजा मिश्रा, ओमनिवास पाठक, निश्चित दुबे उर्फ निशु, डॉ. पंकज राठौर, अवनीश त्रिवेदी उर्फ माधव, सभासद बाबू अग्निहोत्री, सभासद उमेश जाटव, रजत वर्मा, आयुष सक्सेना, अभिषेक श्रीवास्तव, सनी बाथम, विष्णु मिश्रा, शिवांग बाजपेई, सुमित भल्ला, महेश चंद्र, बंटी यादव, दीपक कनौजिया, कुलदीप दीक्षित, अजय मिश्रा, अनुज तिवारी,
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