नई दिल्ली:पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है,जहां इसकी गूंज सिर्फ युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं रही बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों और आर्थिक स्थिरता तक फैलने लगी है।इजरायल द्वारा ईरान के सबसे बड़े गैस भंडार साउथ पार्स पर किया गया हमला इसे संघर्ष का अब तक का सबसे संवेदनशील और दूरगामी प्रभाव वाला कदम माना जा रहा है। यह पहली बार है जब इस जंग में सीधे किसी बड़े ऊर्जा उत्पादन केंद्र को निशाना बनाया गया है।विशेषज्ञों के अनुसार यह सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि ईरान की आर्थिक रीढ़ और ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा प्रहार है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा और गैस सप्लाई बुरी तरह लड़खड़ा सकती है।

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