मानवता शर्मसार: सड़क किनारे मिला नवजात कन्या का शव, अवैध नर्सिंग होम पर सवाल

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) अवैध नर्सिंग होम पर सवाल
फतेहगढ़। नवरात्रि के दौरान जहां एक ओर कन्या पूजन कर बेटियों को देवी का स्वरूप मानकर सम्मान दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर फतेहगढ़ में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। कोतवाली क्षेत्र के इटावा-बरेली हाईवे पर नेकापर पुल के पास एक नवजात कन्या का शव संदिग्ध हालत में सड़क किनारे पड़ा मिला, जिसे आवारा जानवर नोच रहे थे।
गुरुवार दोपहर राहगीरों की नजर जब इस भयावह दृश्य पर पड़ी तो इलाके में सनसनी फैल गई। लोगों ने तुरंत करनलगंज चौकी पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना स्थल के आसपास करीब 100 मीटर के दायरे में कई नर्सिंग होम संचालित होने की बात सामने आई है, जिससे पूरे मामले पर संदेह गहरा गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन नर्सिंग होम में अवैध रूप से प्रसव कराए जाते हैं और मोटी रकम वसूली जाती है। कई बार अवांछित नवजातों को लावारिस छोड़ देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि अवैध प्रसव के लिए 40 से 50 हजार रुपये तक वसूले जाते हैं।
यह भी सामने आया है कि इससे पहले भी इसी इलाके में कई नवजात शिशुओं के शव मिल चुके हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। आवास विकास, मशेनी चौराहा, पांचाल घाट से लेकर सेंट्रल जेल क्षेत्र तक बड़ी संख्या में नर्सिंग होम संचालित हैं, जिनमें से कई निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन संस्थानों में न सिर्फ मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है, बल्कि अवैध गतिविधियां भी फल-फूल रही हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि इस मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन है| अवैध नर्सिंग होम संचालक, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही या प्रशासन की अनदेखी? फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, लेकिन लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।