संडे बाजार, रेलवे रोड निर्माण और पुलिस कार्रवाई से बढ़ा टकराव, फिर पुतला फूँकने की चेतावनी

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल और जिला प्रशासन के बीच लंबे समय से चला आ रहा टकराव अब खुलकर सड़कों पर आ गया है। संडे बाजार हटाने की कार्रवाई, रेलवे रोड निर्माण को लेकर असहमति और पुलिस की कार्रवाई ने शहर का माहौल गर्मा दिया है।
बीते कई सप्ताह से संडे बाजार को लेकर जिला प्रशासन का रुख सख्त बना हुआ है। चौक, नेहरू रोड समेत अन्य क्षेत्रों में फुटपाथ पर लगने वाले संडे बाजार को हटवा दिया गया। इसके विरोध में युवा व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव और पटरी दुकानदारों ने जुलूस निकालकर धरना-प्रदर्शन किया, लेकिन प्रशासन की सख्ती और उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट के कथित ढुलमुल रवैये के चलते संडे बाजार दोबारा शुरू नहीं हो सका।
इसी बीच रेलवे रोड निर्माण कार्य को लेकर विवाद और गहरा गया। उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिला अध्यक्ष सदानंद शुक्ला और उपाध्यक्ष राजू गौतम जब निर्माण कार्य का शुभारंभ करने पहुंचे तो अन्य व्यापार मंडलों और स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। बाद में नगर पालिका अध्यक्ष पति मनोज अग्रवाल ने कुछ व्यापारिक संगठनों और शहर के चुनिंदा लोगों के साथ बैठक कर निर्माण कार्य की रूपरेखा तय कर काम शुरू कराया।
हालांकि इस बैठक में महिला जिला अध्यक्ष सोनी शुक्ला और युवा नगर अध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव को आमंत्रित नहीं किया गया। इससे नाराज होकर इन्होंने संडे बाजार के दुकानदारों के साथ रेलवे रोड पर धरना-प्रदर्शन किया। इस पर जिला अध्यक्ष सदानंद शुक्ला ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें इस धरना-प्रदर्शन की कोई जानकारी नहीं थी और वह इसमें शामिल नहीं हैं।
मामला 1 फरवरी को और तूल पकड़ गया, जब युवा व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव ने बजरिया चौकी इंचार्ज लक्ष्मण सिंह और एक सिपाही के खिलाफ टाउन हॉल से पक्का पुल तक मशाल जुलूस निकाला। पुलिस ने इसे कानून व्यवस्था से जुड़ा मामला मानते हुए अंकुर श्रीवास्तव सहित 27 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
इसके अगले दिन 2 फरवरी को महिला महामंत्री हेमलता मिश्रा के आवास पर हुई बैठक में जिला अध्यक्ष सदानंद शुक्ला और युवा जिला अध्यक्ष सुंदर गुप्ता ने इस मुकदमे से खुद को अलग बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। इस खबर को जेएनआई ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद जिला अध्यक्ष ने एक पत्र जारी कर कहा कि संगठन में कोई मतभेद नहीं है और व्यापार मंडल अंकुर श्रीवास्तव व उनके साथियों के साथ खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि मुकदमे के संबंध में जिला प्रशासन से वार्ता की जाएगी।

युवा व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव में एक वीडियो प्रसारित कर कहा की 5 फरवरी कों वह चौकी प्रभारी का फिर पुतला फुकेंगे, 5 फरवरी को अंगूरी बाग में व्यापार मंडल की बैठक प्रस्तावित है। इधर, व्यापार मंडल का समर्थन मिलने के बाद अंकुर श्रीवास्तव ने बजरिया चौकी इंचार्ज के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी दबाव में आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। वहीं युवा व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष द्वारा एक बार फिर पुलिस का पुतला फूंके जाने की घोषणा से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। अब देखना यह है कि इस पूरे घटनाक्रम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और व्यापार मंडल के बीच टकराव किस दिशा में जाता है।