फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो)अधिवक्ता व उनके साथियों के साथ मारपीट, चोटी काटने, नकदी व मोबाइल लूटने के आरोप में दायर याचिका पर न्यायालय ने गंभीर रुख अपनाया है। न्यायालय नें आरोपी दारोगा व सिपाही को 10 साल की कठोर कारावास व 50-50 अर्थदंड से दंडित किया गया| अर्थदंड जमा ना करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा|
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नेकपुर कलां निवासी अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार शर्मा ने न्यायालय में दाखिल याचिका में बताया कि उनका एक व्यक्ति से विवाद चल रहा था। इसी सिलसिले में कर्नलगंज चौकी पर तैनात तत्कालीन चौकी इंचार्ज अनिल भदौरिया ने 10 जनवरी 2018 को उन्हें चौकी पर बुलाया।
अधिवक्ता के अनुसार जब वह अपने दो साथियों के साथ चौकी पहुंचे, तो वहां मौजूद तत्कालीन एसएसआई दीपक कुमार, सिपाही सुरेंद्र सिंह एवं नवनीत यादव ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपितों ने उनके साथ मारपीट की और जबरन उनकी चोटी काट दी। इसके अलावा जेब में रखे दो हजार रुपये छीन लिए गए। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके मोबाइल फोन तोड़ दिए और
सिम कार्ड भी गायब कर दिए।
बीते 14 जनवरी को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र, तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र सचान नें तत्कालीन कर्नलगंज चौकी प्रभारी अनिल भदौरिया व सिपाही सुरेन्द्र सिंह को दोष सिद्ध किया था| शुक्रवार को सजा पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने दारोगाअनिल व सिपाही सुरेन्द्र को 10 साल की सजा से दंडित किया है| 
अधिवक्ता से मारपीट, चोटी काटने व लूट के मामले में दारोगा व सिपाही को 10 साल कारावास

