जुलूस-ए-मौला अली : तोप से हुई फूलों की बारिश, शहर में दिखी आपसी सौहार्द की मिसाल

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फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) हजरत अली की जयंती के अवसर पर शनिवार को शहर उत्साह में डूबा रहा। इस अवसर पर सादगी और धार्मिक उल्लास के साथ मौला अली की स्मृति में जुलूस निकाला गया, जिसका तोप चलाकर और छतों से फूलों की वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
लालदरवाजा स्थित बारसिया मस्जिद से जुलूस का शुभारंभ हुआ। जुलूस में धार्मिक ध्वजों के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी शान से लहराया गया। इसमें सजी हुई वाहन कतारें, घोड़े और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। हजरत अली के गुणगान के साथ लगाए गए नारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। जुलूस लालसराय, घुमना, चौक, पक्का पुल, तिकोना तहसील तिराहा होते हुए रकाबगंज स्थित अली अब्बास की दरगाह पर पहुंचकर संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लखनऊ से आये मौलाना सैय्यद कल्बे जब्बाद नकवी रहे। उन्होंने कहा कि हजरत अली ने प्रेम, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया। धर्मगुरुओं और विद्वानों ने अपने विचारों में हजरत अली के जीवन से संघर्ष, न्याय व सच्चाई की प्रेरणा लेने की बात कही। चौक पर विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं की मौजूदगी ने आपसी सौहार्द और गंगा-जमुनी संस्कृति का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। मार्ग में कई स्थानों पर जुलूस का फूलों की वर्षा कर स्वागत किया गया। काजी सैय्यद मुताहिर अली, मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली, आफताब हुसैन, शाकिर अली मंसूरी, सैफ हुसैन, शारिक अली, मुंतजिर हुसैन, अम्मार जैदी, शादाब अली, नाहिद हुसैन, सरबर आलम, मुख्तार अहमद आदि रहे |

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