डीएम ने कस्तूरबा विद्यालय का किया निरीक्षण, खामियों पर खफा

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बुधवार दोपहर क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय सहित कई परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालयों की व्यवस्थाओं में कई खामियां मिलीं, जिन पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों को तत्काल सुधार के निर्देश दिये।
डीएम सबसे पहले बीबीपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय पहुंचे। उन्होंने कंप्यूटर कक्ष, छात्रावास और कक्षाओं का निरीक्षण किया। छात्रावास में चारपाइयों पर बिछी पुरानी और गंदी चादरें देखकर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। वार्डन रश्मि ने बताया कि चादरें समय-समय पर धुलवाई जाती हैं और तीन वर्ष के अंतराल पर नई चादरें दी जाती हैं। डीएम ने कार्यालय में बैठकर उपस्थिति रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की जांच की तथा शिक्षिकाओं से विद्यालय संचालन और छात्राओं की सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद डीएम प्राथमिक विद्यालय मिर्जा नगला पहुंचे। उन्होंने कक्षा चार और पांच के बच्चों से शिक्षकों के स्कूल आने-जाने के समय के बारे में पूछा। परिसर में टूटी फर्श और झूलों के पास बने गड्ढे देखकर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की और प्रधानाध्यापिका रुचि वर्मा को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण का अगला पड़ाव उच्च प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर रहा। यहां की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका अर्शेनाज ने बताया कि विद्यालय में 206 छात्र पंजीकृत हैं। इस दौरान डीएम ने छात्रों से 14 का पहाड़ा सुनाया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में अध्ययनरत सौ बच्चों की जानकारी ली और ग्राम पंचायत की कुल आबादी पूछी। निरीक्षण में एक ही कमरे में दो कक्षाओं के छात्रों को पढ़ते देख डीएम ने असंतोष जताया और परिसर में बंद पड़े कमरों को व्यवस्थित कर शिक्षण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में स्वच्छता, अनुशासन और समयपालन पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनी रहे और छात्र-छात्राओं को उपयुक्त वातावरण मिल सके। इस मौके पर बीएसए अनुपम अवस्थी मौजूद रहे