संत का स्वभाव शांत रहना: महामंडलेश्वर

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फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) महामंडलेश्वर अनंत श्री विभूषित स्वामी विद्यानंद सस्वती महाराज श्री पंचायती महानिर्माणी अखाड़ा शहर पंहुचे | उन्होंने कहा की संत का स्वभाव संत रहना होता है| यह संत का पहला गुण है |
लाल दरवाजा रोडबेज बस के निकट स्वराज कुटीर में पंहुचे स्वामी विद्यानंद सस्वती महाराज नें कहा कि संत का स्वभाव बड़ा कोमल व शांत होता है, वे दूसरों का उपकार करते हैं| संतों का जीवन श्रृद्धा और विश्वास से भरा होता है जिसके प्रति श्रृद्धा होती है उस पर विश्वास भी होता है। सत्यगिरी महाराज, भईयन मिश्रा, कोमल पांडेय, दिनेश यादव चुन्ना, रामवीर शुक्ला, आशुतोष अग्निहोत्री डब्बू, शशांक शेखर मिश्रा,रामदास गुप्ता,सरल दुबे रहे |

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