फर्रुखाबाद:(मोहम्मदाबाद संवाददाता) बरसात का मौसम और भीषण गर्मी पड़ने से सर्प दंस की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो रही है| गुरुवार को मासूम को नागिन नें काट लिया जिससे मासूम की हालत बिगड़ गयी| परिजन उसे लोहिया जिला अस्पताल लेकर पंहुचे जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया |
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गोसरपुर मजरा के नगला अखई निवासी जगपाल वर्मा का ढाई वर्षीय पुत्र आशीष चारा मशीन के पास खेल रहा था| उसी दौरान दीवार के पास काली नागिन घात लगाये बैठी थी| मौका मिलते ही उसने अपने मुंह का जगह मासूम आशीष की रगो में उतार दिया | परिजनों ने नागिन को पकड़ कर बोरी में बंद कर नीव के पेड़ पर टांग दिया है। परिजन बच्चे को लेकर लोहिया पहुंचे जहां बच्चे को मृत्यु घोषित कर दिया गया। जगपाल वर्मा के 4 बच्चो मे सबसे छोटा था| बड़ी बेटी आकृति 8 वर्ष, आर्यन 6 वर्ष, आशी 4वर्ष। माता सुमन का रो रो कर बुरा हाल हो गया| नायब तहसीलदार मोनिका तिवारी, दरोगा संजय मौर्या थाना पुलिस के साथ पहुंची। दरोगा संजय मौर्या ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सर्पदंश से बचाव- सांप हमेशा अपनी आत्मरक्षा में काटते हैं। आमतौर पर सांप इंसानों से दूर ही रहना पसंद करते हैं। कुछ बातों का ध्यान रख कर सर्पदंश की घटनाओं से बचा जा सकता है। घरों में फालतू ,कचरा, कबाड़ा,लकड़ियां,पत्थर,घास, कंडे इत्यादि इकट्ठा न होने दें और न ही इन जगहों पर असावधानीपूर्वक हाथ डालें क्योंकि यह सांपों के छिपने के उपयुक्त स्थान हैं। रात को जमीन पर सोने से बचें क्योंकि सांप धरती पर रेंगते हैं और नीचे सोये हुए व्यक्ति को आसानी से काट सकते हैं। यदि घर के दरवाजों के नीचे गैप है तो उसको कपड़े या डोर सील से बंद कर दें। अक्सर घरों में सांप दरवाजों के नीचे से ही अंदर आते हैं। अगर घर में सांप निकल आए तो उसको मारने की कोशिश न करें, क्योंकि सर्पदंश की कई घटनाएं सांप को मारने या पकड़ने की कोशिश में होती हैं। सांप निकलने पर किसी सर्प विशेषज्ञ को बुलाएं। सर्पदंश होने पर डसे गए स्थान के थोड़ा ऊपर डोरी या कपड़ा मध्यम दबाब के साथ बांध दें। घाव पर चीरा न लगाएं और मरीज को फौरन हॉस्पिटल लेकर जाएं। झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें। याद रखें सर्पदंश का एकमात्र सही इलाज ‘एंटी स्नेक वेनम’ का इंजेक्शन है।
नागिन के डसने से मासूम की मौत
[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]



