बिना भेदभाव के गाँवों का विकास करें ग्राम प्रधान

0
139

फर्रुखाबाद:(राजेपुर संवाददाता) मंगलवार को प्रधानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रधानों को गांव के विकास के लिए किस प्रकार की योजना बनानी है और खुली बैठक का क्या महत्व है आदि से जुड़ी जानकारी दी गई। इसके साथ ही गाँवो में अबैध बसूली करनें वाले प्रधानों को सख्त चेतावनी दी गयी कि यदि शिकायत मिली तो कार्यवाही की जायेगी|
विधायक अमृतपुर सुशील शाक्य व बीडीओ गगन दीप नें सरस्वती के चित्र पर माल्यर्पण व दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण का शुभारम्भ किया गया| प्रशिक्षक सौरभ कुमार, महेंद्र गंगवार व अरविंद श्रीवास्तव नें प्रधानों को गाँव विकास के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया| कहा गया कि ग्राम प्रधान अपने गांव को माडल ग्राम बनाने की दिशा में बिना भेदभाव के कार्य करें। सरकार का सबका साथ, सबका विश्वास और सबका विकास जमीनी तौर पर परिलक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि धन का भुगतान बहुत संवेदनशील बिदु है। काफी सतर्क होकर कार्य करें|  योजना, एस्टीमेट व कार्य पूर्ति बिल वाउचर के बावत संतुष्ट होने के बाद डोंगल का प्रयोग करें। प्रधान अधिकार का आकलन करें तथा सीमा उल्लंघन करने की स्थिति से बचें।
विधायक नें कहा कि फर्रुखाबाद में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार होता था लेकिन भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार को लेकर कार्यवाही हो रही है किसी गांव में विकास के नाम से धनउगाही की शिकायत होती है तो प्रधान भी जेल जाएगा| आज गांव का विकास करना सरकार की प्राथमिकता वाला काम है। हर प्रधान को अपने गांव के विकास में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। यदि विकास कार्य में किसी प्रकार बाधा होता है चाहे वह किसी व्यक्ति विशेष से हो या फिर किसी सरकारी अधिकारी के कारण इसकी जानकारी उनको दी जाए। बीडीओ गगन दीप नें कहा कि गांव के विकास के लिए तमाम तरह के मद है। किसी भी मद से काम कराया जा सकता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि गांव में खुली बैठक कर योजनाएं तैयार की जाए। उन्होंने खुली बैठक का महत्व बताते हुए कहा कि जो काम खुली बैठक में प्रस्ताव बनाकर तैयार होगा। इसमें ग्रामीणों की सहभागिता होगी। यदि हम किसी काम को गांव के लोगों के सहयोग से करते हैं तो इसमें उनकी भूमिका होगी और काम बेहतर होगा। एडीओ पंचायत अजीत पाठक आदि रहे|

[adrotate banner="3"]

 

 

 

[adrotate banner="2"]