कोरोना वायरस के विभिन्न वैरियंट के खिलाफ असरदार भारतीय स्वदेशी COVAXIN- आइसीएमआर

0
152

डेस्क:देश में कोरोना की दूसरी लहर के बढ़ते खतरे के  बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च(आइसीएमआर) ने अपने एक शोध में पाया है कि भारत में बनी पहली स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन(Covaxin) कोरोना वायरस के विभिन्न रूपों के खिलाफ असरदार है।कोवैक्सीन(Covaxin)के नाम से जानी जाने वाली इस कोविड-19 वैक्सीन का निर्माण भारत बायोटेक(Bharat Biotech)ने किया है। देश में एक मई से 18 साल या उससे अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन लगाने की मंजूरी दे दी गई है। ऐसे में देश में टीकाकरण कार्यक्रम को विस्तार देने से ठीक पहले आए इस शोध से आशाएं और बढ़ गई है। देश में कोरोना की दूसरी लहर के लिए संभवत: डबल म्यूटेंट वैरियंट ही जिम्मेदार है।

[adrotate banner="3"]

कोरोना के नए वेरिएंट यानि डबल म्यूटेंट वैरियंट( B.1.617) का शुरुआती स्तर पर भारत में दो म्यूटेशन के साथ पता लगाया गया। पहली बार भारत में एक वैज्ञानिक के जरिए पिछले साल बताया गया और हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन के पास ज्यादा जानकारी पेश कर दी गई है। पिछले महीने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहली बार डबल म्यूटेंट की मौजूदगी को स्वीकार किया था। तब से लेकर डबल म्यूटेशन ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ब्रिटेन और अमेरिका समेत 10 देशो में पाया गया है।

कोरोना की रफ्तार दिनों दिन बढ़ती जा रही है। संक्रमितों का दैनिक आंकड़ा करीब तीन लाख पहुंच चुका है। विशेषज्ञ कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारणों की तलाश में जुटे हैं। बीते दिनों नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआइवी) ने महाराष्ट्र की प्रयोगशालाओं के साथ एक बैठक में कुछ आंकड़े साझा किए। राज्य में जनवरी से मार्च तक 361 नमूनों की जीनोम सिक्वेंसिंग की गई, जिनमें 220 (करीब 61%) में डबल म्यूटेंट वैरिएंट के पाए गए। सूत्रों के अनुसार, देशभर में 1.40 लाख नमूनों की जीनोम सिक्वेंसिंग हो चुकी है।

[adrotate banner="2"]