स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ होतीं हैं आशा

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फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) शुक्रवार को शहर के नवभारत सभा भवन में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा आशा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में स्वास्थ्य सेवाओं को जन- जन तक पहुंचाने में अहम् भूमिका निभाने वाली तीन नगरीय आशाओं को पुरस्कार राशि व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह नें कहा कि आशा बहुएं स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं और उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करना चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं को जन जन तक पहुंचाने में आशा अहम भूमिका भी निभा रही हैं। वह समय-समय पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होकर अपने कार्य को और निखार सकती हैं ।
मुख्य विकास अधिकारी एम अरुन्मोली ने आशा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग ही स्वास्थ्य सेवाओं को उच्च स्तर तक ले जाने की एक कड़ी हैं | आपकी भूमिका महिला को प्रसव से लेकर बच्चे के टीकाकरण तक बहुत ही महत्वपूर्ण है| सीएमओ डॉ वंदना सिंह ने कहा कि कई गांवों में संसाधनों के अभाव के बाद भी आशाओं के अथक प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाया जा सका। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनपद में ग्रामीण क्षेत्र में 1435 आशा और शहरी क्षेत्र में 77 आशा कार्यरत हैं। आशा वह कड़ी हैं जो पंक्ति में पीछे बैठे व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ती हैं|
ग्रामीण क्षेत्रों की आशाओं का नही हो सका सम्मान
सीएमओ ने कहा कि आज सुबह आचार संहिता लगने के कारण ग्रामीण क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं किया जा सका | ग्रामीण क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान बाद में किया जायेगा| सम्मेलन में जननी सुरक्षा योजना , गोल्डन कार्ड, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना आदि की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद ने ने भी विचार रखे| अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० दलवीर सिंह, डीपीएम कंचन बाला, डीसीपीएम रणविजय प्रताप सिंह, डॉ० शेखर यादव आदि रहे|

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