लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लम्बे समय बाद होने वाली 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती का मामला भी विवादों की भेंट चढ़ गया है। सुप्रीम कोर्ट तथा इलाहाबाद हाई कोर्ट में इसकी सुनवाई के बीच में मंगलवार को इसमें फर्जीवाड़े की जांच उत्तर प्रदेश एसटीएफ को सौंपी गई है।डीजीपी मुख्यालय ने उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्स फोर्स (एसटीएफ) को इस प्रकरण में सभी घोटाले की जांच का आदेश दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में प्रश्न पत्र से लेकर परीक्षा के टॉपर पर तक सवाल खड़े होने पर सरकार ने इसकी जांच एसटीएफ से कराने का फैसला किया है।
इस मामले की जांच एसटीएफ के एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में होगी। जिसके लिए कई टीम भी तैयार कर ली गई हैं। परिषदीय स्कूलों में सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा के मामले में अब स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) भी लग गई है।
उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़गड़ी, धांधली व भ्रष्टाचार आदि के सम्बंध में रोज नए-नए खुलासे व तथ्यों के उजागर होने के कारण अब यह मामला काफी गंभीर हो गया है। जनता काफी आशंकित है। ऐसे में इसकी सी.बी.आई. जाँच होनी चाहिए, बी.एस.पी. की यह माँग है।
जांच में पुलिस को पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क कई जिलों तक फैला और अभ्यर्थी भी अलग-अलग जिलों के हैं। ऐसे में पूरे मामले में एसटीएफ की मदद ली जा रही है, ताकि जल्द से जल्द पूरे प्रकरण का पटाक्षेप किया जा सके।
69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती मामले की जाँच करेगी एसटीएफ
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