रोजगार सेवकों का आंदोलन ध्वस्त करने को अधिकारियों के दौरे

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अनुपस्थित मिले आधा दर्जन रोजगार सेवक बर्खास्त

फर्रुखाबाद, रोजगार सेवकों के प्रदेश व्यापी आंदोलन को विफल करने के लिये
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास की ओर से रविवार को अधिकारियों को गांव में भेज कर रोजगार सेवकों की उपस्थिति सत्यापित करने के निर्देश दिये गये थे। जनपद के 36 अधिकारियों ने लगभग डेढ़ सैकड़ा ग्रामों का दौरा किया। अनुपस्थित मिले आधा दर्जन रोजगार सेवकों की बर्खास्तगी के आदेश कर दिये गये हैं।

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उल्लेखनीय है कि रोजगार सेवकों का लखनऊ में रविवार को प्रदर्शन था, इसी को फ्लाप करने के लिये शासन ने यह रणनीति बनायी थी। ग्राम स्तर पर मानदेय पर नियुक्त रोजगार सेवक भी अब शिक्षा मित्रों की तर्ज पर अपने नियमितीकरण के लिये आंदोलन की राह पर हैं। इसी क्रम में रविवार को ग्राम रोजगार सेवक संध की ओर से रविवार को लखनऊ में प्रदर्शन की घोषणा की गयी थी। रोजगार सेवकों को लखनऊ न पहुंचने देने के लिये शासन स्तर पर बनी रणनीति के तहत प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास की ओर से रविवार को अधिकारियों को गांव-गांव भेज कर मनरेगा की जांच की आड़ में रोजगार सेवकों की उपस्थिति की भी जांच करने के निर्देश दिये गये थे। प्रमुख सचिव के निर्देशों के क्रम में रविवार को जनपद के लगभग तीन दर्जन अधिकारी दिन भर गांव की धूल फांकते रहे। अधिकारियों को भी अभियान के पीछे के मंतव्य की जानकारी थी, सो उन्होंने भी उसी नजरिये से काम किया। कुछ स्वयं दौरे पर गये तो कुछ ने मातहतों के माध्यम से रोजगार सेवकों की हाजिरी दर्ज कर ली।

सांयकाल विकास भवन में संकलित रिपोर्टों के अनुसार जनपद में कुल आधा दर्जन रोजगार सेवक अनुपस्थित मिले। इनमें से अधिकांश वह हैं जो पहले ही कहीं और नौकरी लगजाने के कारण काफी समय से गायब थे, और प्रशासन को इसकी खबर भी नहीं थी। कुछ ऐसे भी हैं जिनको पूर्व प्रधान ने दबंगई या फर्जीवाड़े से लगा रखा था, सो अब निजाम बदलने के बाद से पहले ही किनारे हो चुके हैं।

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