250 रुपए के रिश्वत मामले में शख्स को 28 साल बाद मिला न्याय

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नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर में नगर निगम के एक पूर्व कर्मचारी को 250 रुपए का रिश्वत लेने के मामले में 28 साल बाद न्याय मिला है। 79 साल के जगन्नाथ को हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने रिश्वत लेने के आरोप से बरी कर दिया है। बता दें कि जगन्नाथ 2002 में रिटायर हो गए, लेकिन आरोप की वजह से उनको ग्रेच्युटी नहीं मिली पाई। अब कोर्ट के फैसले के बाद भी जगन्नाथ को उनकी ग्रच्युटी को लेकर उम्मीद जग गई है।
2002 में निचली अदालत ने ठहराया था दोषी जगन्नाथ ने कहा कि भले ही मैं 2002 में सेवानिवृत हो चुका हूं, फिर भी मुझे अपनी ग्रेच्युटी मिलना बाकी है। लेकि मुझे रिकॉर्ड को लेकर डर लग रहा है क्योंकि 10 साल या उससे अधिक के रिकॉर्ड को संभाल कर रखना मुश्किल है। जगन्नाथ जिनके परिवार में कुल आठ लोग हैं को इससे पहले फरवरी 2002 में निचली अदालत ने दोषी ठहराया था। 1991 में जीत राम नाम के एक शख्स के शिकायत के आधार पर उन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो (ACB-CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा कथित रूप से रंगे हाथों पकड़ा गया था।

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