तो क्या फसलों के बाद गाँव वालों का वजट चट करेंगे अन्ना मबेशी?

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फर्रुखाबाद:अन्ना पशु सरकार,शासन,किसान और प्रधान के लिए मुसीबत का सबब बन गये है| सरकार भारी संख्या में मबेशी होने के लिए उनको रखने और खिलाने को लेकर चिंतित है| तो वही जिला प्रशासन सरकार का आदेश जारी होने के बाद उसे फालो करने में लगा है| जिला प्रशासन ग्राम प्रधान को अन्ना मबेशी बंद करने के निर्देश दे रहा है| प्रधानों ने बंद तो कर लिए लेकिन अब उनका पेट भरने के लिए वजट की व्यवस्था कंहा से होगी| कुछ प्रधान चंदा करके तो वही पता चला है कुछ प्रधान गाँव सभा के विकास निधि के वजट को गायों को भूसा और दानें के रूप में खिला रहें है| लेकिन यह तय नही हो पा रहा है की आखिर यह कब तक चलेगा| अन्ना पशुओं के लिए ग्राम सभाओं को वजट कब मिलेगा| इस पर कोई बोलने वाला नही है|
जनपद में तकरीबन पांच सैकड़ा ग्राम पंचायतों के प्रधानों को जिलाधिकारी मोनिका रानी के कड़े निर्देश है कि वह अपने क्षेत्र के सभी अन्ना मबेशी पकड़कर अस्थाई रूप से बंद करें| निर्देश मिलने के बाद पूरे जिले में प्रधानों ने क्षेत्रीय अन्ना मबेशियों को पकड़ कर उन्हें आस्थाई बेडारास में बंद करा दिया| पूरे इससे किसानों के चेहरे तो खिले क्योंकि उन्हें रात में आवारा जानवरों से रात-रात भर अपने खेत की रखवाली नही करनी पड़ती| कई किसानों ने अन्ना मबेशियों को पकड़ने की व्यवस्था का समर्थन किया| वही अब ग्राम प्रधानों को यह एक बड़ी समस्या बन गया|
कई प्रधानों का कहना है की उन्हें पकड़े गये अन्ना पशुओं को खिलाने के लिए अलग से वजट नही मिलता| जिससे वह गाँव के विकास निधि में आयी धनराशि का प्रयोग मजबूरी में गायों के चारें के लिए करेंगे| इस समस्या के सम्बन्ध में एसडीएम सदर अमित आसेरी ने तहसील सदर सभागार में प्रधानों,लेखपालों और ग्राम सचिवों की बैठक ली| जिसमे उन्होंने निर्देश दिए की सभी प्रधान शासन की मंशा के तहत कार्य करें| चंद मिनट में ही बैठक का समापन हो गया|
विकास खंड बढ़पुर के ग्राम प्रधान ओपी सक्सेना का कहना है की यदि गांवो की अबैध कब्जा की गयी भूमि को जिला प्रशासन कब्जा मुक्त करा दे तो आगामी तीन महीने के बाद उसी भूमि पर पर्याप्त हरा चारा होगा| लेकिन जिला प्रशासन कोई सहयोग नही कर रहा है| विजाधरपुर के ग्राम विकास अधिकारी रविन्द्र पाण्डेय ने बताया की उन्हें अभी ग्राम निधि का वजट अन्ना मबेशियों पर खर्च करने का अभी कोई निर्देश नही मिला है| केबल प्रधान की निजी व्यवस्था पर पूरा मामला निर्भर है|
यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ के द्वारा संचालित संगठन विश्व हिन्दू महासंघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी सौरभ शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में गायों से सम्बधित जो योजनायें लागू नही हो पा रही है उसको सही से लागू कराया जायेगा| उनका संगठन गाँव-गाँव जाकर गायों के बनाये गये बेडारास देखेगा और गौवंशों व गायों को उनका हक दिलायेगे| उन्होंने आपत्ति करते हुए कहा की गौवंश आवारा बोले जा रहे है लेकिन वह आवारा नही है| वह बेसहारा है|
तहसीलदार सदर प्रदीप कुमार ने जेएनआई को बताया की सभी प्रधानों को गायों को हो रहे खर्च का लेखाजोखा रखने के निर्देश दिए है| वजट जारी होने पर प्रधानों को मिलेगा| फ़िलहाल अन्ना पशुओं के लिए कितना वजट आया है उसकी उन्हें जानकारी नही है|

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