धम्म यात्रा में बताया पंचशील का सिद्धांत

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फर्रूखाबाद: बाबा साहब डा0अम्बेडकर के 126वी जयन्ती के अवसर पर फतेहगढ़ स्थित प्रतिमा स्थल पर बु़द्ध वन्दना पंचशील से हुई| इसके बाद इसके बाद धम्म यात्रा को पूरे नगर में भ्रमण भी कराया गया| सभी बे भीम राव के जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया|

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अखिल भारतीय अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ प्रान्तीय उपाध्यक्ष नानक चन्द्र के नेतृत्व में निकाली गयी धम्म यात्रा की शुरूआत प्रतिमा स्थल फतेहगढ़ से की गई| इस दौरान प्रान्तीय उपाध्यक्ष नानक चन्द्र ने कहा कि डॉक्टर अंबेडकर ने समतामूलक समाज का सपना संजोकर विषम परिस्थितियों में शिक्षा ग्रहण करते हुए हक वंचित समाज अधिकार के लिए संविधान रचने से पूर्व व रचने के बाद उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ी ,जिसके चलते देश में अमीर से लेकर गरीब तक को संविधान के तहत न्याय मिलता है| धम्म का आशय बौद्ध धर्म लिया जाता है बौद्ध’ शब्द बुद्धि से बना है जिसका अर्थ है “जागृत मस्तिष्क” जो सत्य को सत्य और असत्य की असत्य की दृष्टि से देखने में सक्षम है| तथागत बुद्ध ने कहा है कि “यदि मै कहता हूँ की उस भवन मे दिया जल रहा है तो तुम केवल आस्था से उसे मत मनो, मेरे कह्ने से उसे मत मानो, तुम बस मेरा निमन्त्रण स्वीकर करो और उस दिये को स्वयं देखने जाओ और तब मानो।

नानक चन्द्र ने कहा धम्म समझना बहुत ही आसान है, केवल थोड़ा प्रयास और अभ्यास चाहिए। बुद्ध धर्म का मूल सिद्धांत है – ‘‘पंचशील‘‘ पंचशील का पालन करने से कोई भी व्यक्ति जीवन के दुःखों से मुक्ति पा सकता है। ये पंचशील है – 1. हिंसा न करे, 2. चोरी न करे, 3. असत्य न बोले, 4. नशा न करे और 5. व्यभिचार न करे। आज के समय में विश्व को ऐसे सदाचार की बहुत आवश्यकता है । पंचशील के पालन से मनुष्य प्रज्ञा, शील, मैत्री, करुणा जैसे मूल्यों की स्थापना में सहयोग देता है और इस प्रकार समाज में शांति व अहिंसा की स्थापना कर सकता है। पंचशील के माध्यम से मनुष्य समाज एवं राष्ट्र का सर्वांगीण विकास करते हुए, उन्हें मंगलमय बना सकता है|

धम्म यात्रा में बाइकें,चारपाइ्र्रया,ई रिक्शा, वाहनों पर पंचशील का झण्डा लगाकर नारे बाजी करतें हुए फतेहगढ के मुख्य मार्ग ,जिला जेल चैराहा,भोलेपुर,नेकपुर ,लालदरवाजा,चैक,नालामछरटटा ,साहबगंज होती हुई बु़द्धबिहार चाॅदपुर पहुंची जहां बुद्ध वन्दना भन्ते द्वारा कराई गई तथा जलपान कराया गया ।अम्बेेडकर अनुयाई धम्म यात्रा जब तक सूरज चाॅद रहेगा.बाबा तेरा नाम रहेगा , बौद्ध धर्म की पहचान .मानव मानव एक समान,इस दौरान जय मूलनिवासी -जय मूलनिवासी नारा चर्चा बना रहा । धम्म यात्रा में शामिल लोगों का जगह जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया । आवास विकास पर नगर विधायक मेजर सुनीलदत द्विवेदी , डा0अरविन्द ने धम्म यात्रा में चल रहे रथ झांकी में बुद्ध व डा0 अम्बेडकर पर पुष्प वर्षा कर नमन किया ।

समापन चाॅदपुर अम्बेडकर प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण के साथ समापन हुआ । धम्म यात्रा समापन अवसर पर शिव कुमार भाष्कर,मुन्नीदेवी भाष्कर,ज्ञानसिंह, जयपालसिंह , दीपक भाष्कर ,रवीशबाबू,गंगाराम मित्रा प्रभुदयाल,सत्यपाल ,विजय कनौजिया ,धर्मेद्र कुमार,रमेशचन्द्र रजनीश,परशूुराम बौद्ध आदि ने स्वागत किया व मिष्ठान वितरण किया।

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