पर्ची बंटने के बावजूद नहीं घटी बस्तों की अहमियत

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फर्रुखाबाद: चुनाव आयोग द्वारा भले ही घर-घर मतदाता पर्ची पहुंचाने की व्यवस्था की गयी हो लेकिन अभी भी बस्तों की अहमियत नहीं घटी। यह नजारा आज हो रहे विधानसभा चुनाव में साफ देखने को मिला। जहां पर प्रत्याशियों द्वारा अपने अपने बस्ते लगवाये गये। किसी पर भीड़ दिखायी दी तो कोई मायूस नजर आया।

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प्रत्येक चुनाव में प्रत्याशियों के लिए चुनावी बस्ते खास अहमियत रखते हैं। किस व्यक्ति को बस्ता दिया जाये, किसको नहीं दिया जाये इस बात की तिकड़म प्रत्याशियों द्वारा मतदान के दिन से कुछ दिन पूर्व ही भिड़ा ली जाती है। इतना ही नहीं मतदान वाले दिन प्रत्याशियों की यह भी निगाह रहती है कि किसके बस्ते पर कितनी भीड़ मौजूद है। जिसको लेकर बस्तों की अहमियत आज भी खास मानी जाती है।

सदर क्षेत्र में भी सभी प्रत्याशियों द्वारा अपने अपने बस्ते लगवाये गये लेकिन बीजेपी के प्रत्याशी मेजर सुनीलदत्त द्विवेदी के बस्ते पर खासी भीड़ नजर आयी। यही नहीं समर्थकों के साथ-साथ मतदाता भी बस्ते पर आते और अपना वोट दिखवाते व पर्ची लेते।

वहीं कुछ मतदाताओं की शिकायत रही कि उनके पास पहचान पत्र तो है लेकिन वोटर लिस्ट में नाम नहीं है। उन्होंने बस्तों पर मौजूद लिस्टों में अपना नाम दिखवाया लेकिन न मिलने पर वह वोट नहीं डाल सके और मायूस होकर लौट गये।

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