कोहरे की सफेद चादर में वाहन रेंगने को मजबूर

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kohraफर्रुखाबाद: कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम दर्ज की गई। हालात ये है कि वाहन रेंगने को मजबूर है और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर मौसम की बात की जाए तो अगले कई दिनों तक धुंध का असर देखने को मिलेगा। वही नोटबंदी के चलते लोगों का धंधा पहले से ही मंदा चल रहा था, लेकिन अब कोहरे से उनका धंधा चोपट होता दिखाई दे रहा है।kohra-12एक सप्ताह से घने कुहरे की चादर से पूरा जनपद ढका है।गुरुवार को पूरे दिन बाद भी सूर्य देव के दर्शन ना होने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त है| लेकिन आवागमन में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम के करवट बदलने से अनेक प्रकार की परेशानियां बढ़ गयी हैं। ठंड से लोग ठिठुरते रहे किसानो कि परेशानियां भी बढ़ गयी है। शाम सुबह लोगों को अपने अपने घरो के सामने ठंड से बचने के लिऐ अलाव जला कर तापते हुऐ देखा जा रहा है। वहीं पर छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाईयां का सामना करना पड़ रहा है।aag-kohraaबाइक सबार या चार पहिया वाहन अपनी लाईट जला कर आ जा रहे हैं। विगत दिनों से शाम होते ही कोहरा अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दे रहा है। कोहरे के प्रभाव से सुबह और शाम का आलम यह रहता है कि दस मीटर की दूरी पर भी कुछ दिखायी नहीं देता है। कुहरे की वजह से सड़कों पर सभी वाहन रेंगते दिखायी दे रहे हैं। कोहरे और ठंड से पूरा जनजीवन अस्त व्यस्त है।

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कोहरे का धंधे पर असर
दूसरी तरफ नोटबन्दी के बाद अब कोहरे का धंधे पर असर पड़ा है। इस बारे में एक दुकानदार ने बताया कि मौसम ने काफी परेशान किया हुआ है सुबह काम पर जाने के लिए देरी से निकलना पड रहा है और जो काम धंधा है वो भी बहुत कम हो चुका है और लोग कोहरे के छटने के बाद घरों से निकल रहे है जिससे उनके धंधे पर बुरा असर हुआ है।

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