अबैध शराब का मामला: विभागीय अधिकारी भी संदेह के घेरे में

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absa sumit vrmaफर्रुखाबाद: बीते दिन कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र के नीव करोरी स्टेशन के निकट स्थित परिषदीय विधालय खजुरी के अतिरिक्त कक्षो में मिली शराब में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया| इसके साथ ही साथ विभाग के अधिकारियो की उदासीनता भी सामने आ गयी| विधालय में कितने निरीक्षण किये यह भी उजागर हो गया| यदि निरीक्षण हुआ तो फिर शराब क्यों नही मिली| यह एक बड़ा सबाल खड़ा हों गया है|

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बेसिक शिक्षा विभाग में विधालयो के रख रखाब, शिक्षा गुणवत्ता और भवन निर्माण सम्बन्धी निरीक्षण का काम बटा हुआ है| जिसमे सबसे पहले खंड शिक्षा अधिकारी को अपने विकास खंड में नियमित निरीक्षण करने के आदेश है| वर्तमान में खंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मदाबाद सुमित वर्मा पर कमालगंज का भी चार्ज है| विगत दिवस तक उनके पास राजेपुर का भी चार्ज था| लेकिन क्या विकास खंड के विधालयो में निरीक्षण के नाम पर खाना पूरी की गयी जिसके चलते काफी दिनों से विधालय के कमरों में भरी अबैध शराब उन्होंने नही देखी या फिर उन पर किसी शराब माफिया का दबाब हाबी हो गया???

वही सह व्लाक समन्वयक व न्याय पंचायत समन्वयक को जिलाधिकारी के आदेश से निरीक्षण कर 25-25 विधालयो की रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी को देनी होती है| सह व्लाक समन्वयक व न्याय पंचायत समन्वयक विधालयो का अनुश्रवण ना करके व्लाक संसाधन केंद्र पर कागजी घोड़े दौड़कर लिपिक का कार्य करने में लगे रहते है| जिसमे खंड शिक्षा अधिकारी की मिली भगत होती है| यदि ईमानदारी से निरीक्षण होता को पहले ही अबैध शराब पकडी जा सकती थी|

खंड शिक्षा अधिकारी सुमित वर्मा ने बताया की निर्रीक्षण होते रहे लेकिन शराब कमरों में होने के कारण नजर नही आयी|

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