केन्द्रीय कारागार में मुस्लिम कैदियों के राखी बाँध भावुक हुई बहने

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jail raksha bndahnफर्रुखाबाद:रक्षाबंधन का त्यौहार जेलों में भी मनाया गया जिले की दोनों जेलों में इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हर साल की तरह इस बार भी जेलों में बंद कैदियों को उनकी बहनें राखी बांधने आई। अपराधों के चलते जेलों में बंद कैदियों को उनकी बहनों से मिलाने के लिए सुबह करीब 8 बजे से ही फतेहगढ़ केंन्द्रिय कारागार में महिलाओं की कतारें लगने लगी। जेल प्रशासन की ओर से बहनों को जेल में बंद उनके भाईयों के हाथों पर राखी बांधने और मिठाई खिलाने का मौका दिया गया| इस अबसर पर बहनों ने मुस्लिम भाईयो के राखी बाँध इस त्योहार में चार चाँद लगा दिये| जेल प्रशासन की ओर से कैदियों के लिए लाए जाने वाले सामान और मिठाईयों की सघन तलाशी ली गई नाम पुकारे जाने के बाद बहनों को मुलाकात कक्ष में जाने का मौका दिया गया। एक बार में करीब 50 महिलाओं को अंदर जाने और राखी बांधने का मौका दिया गया।

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जेलों में बंद करीब 22 बंदी सजा काट रहा है| ज्यादा कैदियों से मिलने आने वाली भीड़ को देखते हुए विशेष जाप्ता तैनात किया गया था । इस दौरान अपने भाईयों को राखी बांधकर आने वाली बहनों के आखों से आंसू फूट पडे और वे भावुक हो गई तो कुछ को समय की बाध्यता के चलते अपने भाई से ठीक से मिलने नही दिए जाने पर जेल प्रसासन को कोसती नजर आई।केंद्रीय कारागार में लगभग एक हजार महिलाओ व पुरुषो ने मुलाकात की|

जेलर राजेश कुमार बताया कि जेल प्रबंधन की ओर से रक्षाबंधन पर विशेष तैयारियां की गर्इ है। यहां आने वाली सभी बहनों को उनके भाईयों से मुलाकात कराई जाएगी। रक्षाबंधन के दिन पुरूषों का प्रवेश बंद किया गया था| लेकिन बाद पुरुषो की भी मुलाकात करा दी गयी| उन्होंने बताया कि रक्षा बंधन पर कैदियों को पुड़ी सब्जी व अलबा परोसा गया|

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