ऑस्ट्रेलिया को हराने के लिए धोनी के ये हैं प्लान

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mahiसिडनी:आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2015 के भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले हाईवोल्टेज मुकाबले के लिए मैदान तैयार है और माही का मास्टर प्लान भी। चार बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराने के लिए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने खास रणनीति बनाई है। फाइनल में पहुंचने के लिए जरुरी है कि धोनी की इस रणनीति को साथी खिलाड़ियों का पूरा साथ मिले। इस बड़े मैच के लिए धोनी ने क्या मास्टर प्लान बनाया है?

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साल 2011 वर्ल्डकप फाइनल की जीत 4 साल बाद टीम इंडिया एक बार फिर इतिहास रचने से सिर्फ दो कदम दूर है। पहला रोड़ा है ऑस्ट्रेलिया और दूसरा न्यूजीलैंड या दक्षिण अफ्रीका में से कोई एक-पहली रुकावट को पार करने के लिए कैप्टन कूल माही ने मास्टर प्लान बनाया है और इस मास्टर प्लान पर अमल करने के लिए वो टीम के बाकी सदस्यों से लगातार बात कर रहे हैं।

माही का मास्टर प्लान- नंबर 1

ऑस्ट्रेलिया फतह के लिए धोनी के प्लान का सबसे बड़ा पहलू है फिरकी गेंदबाज आर अश्विन और उनके जोड़ीदार रवींद्र जडेजा इन दोनों गेंदबाजों ने 7 मैचों में मिलकर 21 विकेट चटकाए हैं। इसमें अश्वन के नाम 12 और जडेजा के खाते में 9 विकेट हैं। खुद कप्तान धोनी ये कह चुके हैं कि जब ये दोनों गेंदबाज विरोधियों पर दवाब डालते हैं तो टीम के तेज गेंदबाज विकेट लेकर सामने वाली टीम को ध्वस्त कर देते हैं। वर्ल्ड कप में अभी तक खेले गए सभी सात मैचों में भारत ने विरोधी टीम को ऑल आउट किया है।

माही का मास्टर प्लान- नंबर 2

सेमीफाइनल में धोनी का भरोसेमंद तुरुप का इक्का हैं विराट कोहली। वर्ल्डकप में अभी तक कोहली ने 7 मैचों में तकरीबन 61 की औसत से 304 रन बनाए हैं और पहले ही मैच में पाकिस्तान के खिलाफ शतक लगाकर टीम इंडिया को जीत की राह दिखाई थी। खुद कप्तान धोनी के मुताबिक कोहली बड़े मैच के खिलाड़ी हैं। विराट कोहली विरोधियों पर हावी होकर बल्लेबाजी करते हैं। वो अपने शॉट्स खेलना पसंद करते हैं। मुझे नहीं लगता कि वो खराब बल्लेबाजी करते हैं। ये उम्मीद करना गलत है कि जब भी कोहली बल्लेबाजी करने जाएं तो वो ताबड़ताड़ बल्लेबाजी ही करें जैसा कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में किया था। बहरहाल विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया को उन्हीं की भाषा में बल्ले से बखूबी जवाब देते हैं। टेस्ट सीरीज में उन्होंने 4 मैचों में 4 शतक लगा थे। लिहाजा वो धोनी के सबसे बड़े संकटमोचक हैं। इसलिए धोनी के मुताबिक उन्हें आखिर तक टिक कर बल्लेबाजी करनी होगी।

माही का मास्टर प्लान नंबर-3

बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों की तिकड़ी मिचेल स्टार्क, मिचेल जॉनसन और जेम्स फॉल्कनर से धोनी अच्छी तरह वाकिफ हैं। इन गेंदबाजों ने मिलकर विरोधी टीमों के 32 विकेट लिए हैं। सोचिए कितना दमदार आक्रमण है ऑस्ट्रेलिया का। इसके खिलाफ धोनी ने अपने सलामी बल्लेबाजों को शुरुआत में टिक कर खेलने की ताकीद की है।

माही का मास्टर प्लान नंबर-4

महेंद्र सिंह धोनी ग्लेम मैक्सवेल और डेविड वॉर्नर को जल्दी पवेलियन भेजनी की तैयारी कर रहे हैं। इस वर्ल्डकप ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मैक्सवेल ने सबसे ज्यादा 301 रन बनाए हैं जबकि वॉर्नर ने 288 रन जोड़े हैं।

माही का मास्टर प्लान नंबर-5

ऑस्ट्रेलिया की टीम स्लेजिंग के लिए दुनिया भर में बदनाम है। इतिहास गवाह है कि जब भी मैदान पर विरोधी उनपर हावी हुए हैं। वो गाली गलौच तक उतर आए हैं। ऐसे में कप्तान धोनी मेंटल कडिशनिंग कैंप में अपने खिलाड़ियों को शांत रहने और खुद पर काबू रखने की नसीहत दे रहे हैं।

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