उपकरण वितरण: अनदेखी से भाजपा नेताओ में कलह शुरू

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MUKEHS RAJPUR STPAAL SINGHफर्रुखबाद: भारतीय जनता पार्टी के सांसद मुकेश राजपूत ने जिस तरह से केंद्र सरकार के विकलांग उपकरण का आयोजन कराया और उसका पूरा फायदा लेने की कोशिश की और लेना भी चाहिए| लेकिन मंच पर कई महारथियों को जगह ना मिले और उनकी जमकर अपेक्षा करने से श्री राजपूत के ऊपर उंगली जरुर उठाने लगी है| कुछ लोगो का कहना है की इस में सांसद का कोई रोल नही है उनके करीबियों द्वारा यह खेल जानबूझ कर किया गया है| कारण कुछ भी हो लेकिन नुकसान तो हर हाल में सांसद का ही है और ऊपर से कई वरिष्ठ नेताओ के नाम मंच पर बैठने के लिए बनायी गयी सूची में नही थे| जिससे अंदरुनी कलह ने जन्म जरूर लिया है|

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कार्यक्रम में मंच पर मंत्री के साथ बैठने के लिए जो लिस्ट बनायी गयी थी| उसमे क्या जान बूझकर पूर्व सांसद मुन्नू बाबू , पूर्व विधायक सुशील शाक्य, नगर अध्यक्ष ज्ञानेश गौड़, राजीव सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष भूदेव सिंह, डॉ० रजनी सरीन, युवा मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री प्रांशु दत्त, का नाम ही गायब बताया गया| बीजेपी अंदर खाने के सूत्र बताते है की जब जनपद में तीन महामंत्री है प्रदीप सक्सेना, ज्ञानेंद्र शाक्य और विमल कटियार तो फिर केबल विमल कटियार को ही मंच पर क्यों दिखायी दिये| इसको लेकर भी पार्टी में अंदरुनी बारूद फैलाया जाने लगा है|
पूर्व सांसद मुन्नू बाबू केबल ऐसी लिए पार्टी के कार्यक्रम में नही आये कि उनका नाम मंच पर बैठने बैठने वालो कि लिस्ट में नही था| सुशील शाक्य को भी कार्यक्रम में पंहुचने के बाद भी उपेक्षित कर दिया गया| नाम मंच लिस्ट में ना होने के बाद भी पूर्व विधायक सुशील शाक्य व पूर्व जिलाध्यक्ष भूदेव राजपूत अपनी किरकिरी बचाने के लिये मंच पर जबरन बैठे| पूर्व विधायक लोक सभा चुनाव से विरोध झेलते आ रहे है|

मंच पर पहली लाइन में मेजर सुनील दत्त को बैठने कि व्यवस्था नही कि गयी थी| उनके नाम कि पर्ची पीछे वाली लाइन में लगाई गयी थी| बाद में स्थित भांपते हुए उन्हें आगे बैठाया गया था| कुल मिलकर सांसद के खास केबल दो नेता ही पूरी खीर फ़ैलाने के जिम्मेदार बताये जा रहे है| जिनके नाम थे वे तो मंच पर बैठे ही साथ ही साथ जो बिना नाम के जुगाड़ से चढ़े और पुलिस के हांथो अपनी किरकिरी करा ली | भाजपा में इस समय केबल हम का खेल तेज है | अपना काम बनता का खूब प्रचलन चल गया है| जिसके चक्कर में सब कुछ तहस- नहस हुआ जा रहा है लेकिन माननीय को अपने इर्दगिर्द रहने वालो कि कार्यप्रणाली समझ में ही नही आ रही | जिससे कई वरिष्ठ नेता अपने को अपमानित महसूस कर रहे है| कुछ नेताओ ने तो मोटर चालित ट्राई साइकिल में घपले कि बू आने तक कि बात कही है| फ़िलहाल कई वरिष्ठ नेताओ के साथ हुए इस सौतेले व्यवहार से चिंगारी आग बन रही है|

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