B’DAY: लंदन में हुआ प्यार तो देश के दो राजनीतिक घरानों में मचा बवाल

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अजमेर: प्रतिष्ठित कांग्रेस नेता राजेश पायलट के बेटे सचिन पायलट की प्रेम कहानी पूरी तरह फिल्मी है। यह इसलिए क्योंकि इस कहानी में लड़का हिंदू है, लड़की मुस्लिम है। दोनों की पढ़ाई के दौरान विदेश में हुई मुलाकात प्रेम में बदल जाती है। फिर दोनों मिलकर शादी का फैसला करते हैं। लेकिन यह फैसला एक नई मुसीबत को आवाज देने जैसा लगता है। जब ये दोनों अपनी शादी की बात परिवार वालों को बताते हैं तो कोहराम मच जाता है। लड़का अगर एक बड़े राजनेता का बेटा है तो लड़की भी उस परिवार से जहां से एक, दो नहीं, तीन-तीन लोग मुख्यमंत्री बने। हम बात कर रहे हैं जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री की बहन सारा की जो अब सारा से सारा पायलट बन चुकी हैं।
Piolet Sara
दरअसल आज कद्दावर गुर्जर नेता सचिन पायलट का जन्मदिन है। इस मौके पर हम बता रहे हैं उनकी LOVE STORY के बारे में…

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भारत की राजनीति में दो बड़े राजनीतिक घराने। जब दोनों ने अपने प्रेम के बारे में परिवार वालों को बताया तो इस हाईप्रोफाइल प्यार का विरोध करने वाले भी सामने आए। केन्द्रीय मंत्री और सांसद रहे सचिन पायलट जब विदेश में पढ़ाई कर रहे थे तब उनकी दोस्ती जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की बहन सारा से हुई। इस दोस्ती ने आगे चलकर प्यार का रूप ले लिया। उमर अब्दुल्ला का परिवार सचिन और सारा की शादी के खिलाफ था, लेकिन सचिन ने धर्म, राजनीति और सामाजिक बंधनों को ठेंगा दिखाते हुए कश्मीर की सारा को अपना बनाने की ठानी।

सचिन ने तो अपने परिवार को इस शादी के लिए तैयार कर लिया। लेकिन सारा का परिवार इसके लिए तैयार नहीं था। दोनों ने सादे समारोह में जनवरी 2004 में शादी की। इस शादी का अब्दुल्ला परिवार ने विरोध किया और शादी को मान्यता देने से ही इनकार कर दिया। शादी के कुछ महीनों बाद ही सचिन ने राजनीति के मैदान में अपनी किस्मत आजमाई। सचिन मात्र 26 साल में 2004 के लोकसभा चुनावों में दौसा से मैदान में उतरे और बड़ी जीत हासिल की। इसके बाद सचिन-सारा की शादी का विरोध करने वाले फारुख अब्दुल्ला ने बाद में सचिन पायलट को अपने दामाद के रूप में स्वीकार कर लिया।

इसके बाद दोनों कई बार सार्वजनिक समारोह में साथ भी नजर आए। जब सचिन पायलट मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल में शामिल हुए तो फारुख अब्दुल्ला काफी खुश नजर आए। सारा के पिता फारुख अब्दुल्ला ने भले अपनी बेटी की शादी का विरोध किया, लेकिन उन्होंने भी एक कैथोलिक धर्म मानने वाली महिला से विवाह किया था। फारुख के बेटे उमर अब्दुल्ला ने भी एक आर्मी ऑफिसर की बेटी पायल नाथ से विवाह किया है। सचिन पायलट देश के पहले ऐसे केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्हें प्रादेशिक सेना (टीए) का एक नियमित अधिकारी नियुक्त किया गया।

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