ढाई साल में खत्म होगा बिजली संकट: पीयूष

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piyush_goyalनई दिल्ली: सरकार अगले 2.5 साल में पॉवर सेक्टर की सभी समस्याओं को हल कर देगी। पॉवर और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वो पॉवर प्लांट्स के मैनेजमेंट को सुधार कर और एफिशियंसी बढ़ाकर समस्याओं का कुछ तत्काल हल निकालेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार पावर प्लांट्स को कोयला मुहैया कराने के लिए नई पॉलिसी पर काम कर रही है।
पीयूष गोयल का कहना है कि उन्होंने 1 महीने के दौरान राज्यों में जाकर चीजें समझीं और अलग-अलग पहलू को देखकर पावर की दिक्कतों को समझा है। वहीं पीयूष गोयल ने कोल इंडिया की रीस्ट्रक्चरिंग पर कहा कि रीस्ट्रक्चरिंग समाधान नहीं है क्योंकि हर यूनिट की दिक्कतें अलग-अलग हैं। कोल इंडिया के मसले पर सिर्फ औपचारिक भाषण से काम नहीं चलेगा बल्कि लेबर की दिक्कतों को समझना होगा। साथ ही गुड गवर्नेंस और ईमानदारी की भी जरूरत है।
पीयूष गोयल के मुताबिक उनका मकसद सबको साथ लेकर चलना है। लिहाजा कोल इंडिया के मामले में ट्रेड यूनियन से कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि ट्रेड यूनियन एंटी बिजनेस नहीं हैं। कोयले की दिक्कत को दूर करने के लिए नई खदानों की पहचान जारी है, पर विवादित खानों पर एक्शन नहीं लिया जाएगा। सरकार का फोकस रेडी टू गो प्रोजेक्ट पर है।
पीयूष गोयल ने बताया कि बड़े फैसलों को लेकर कोई समय सीमा तय नहीं है। पॉवर और कोयला मंत्रालय एक साथ हैं और कस्टमर को खुश करने पर जोर है। ज्यादा मात्रा में कोल वॉशरीज लगाने की योजना है और कस्टमर को ही कोयले की क्वॉलिटी को जांचने की सुविधा दी जाएगी। पिछली सरकार के वादे कागज पर ही रहे, पर हम अच्छी नीयत से काम करेंगे। उम्मीद है कि 2.5-3 साल में कोयले की खदान खोलने में कामयाबी मिलेगी। हमारी सरकार ब्लेम गेम के पचड़े में फंसने की बजाय प्रोजेक्ट जल्द शुरू करने पर जोर देगी।
पीयूष गोयल ने बिजली की दरों पर कहा कि बिजली दरें बढ़ाना बड़ा मुद्दा नहीं है बल्कि जनता की सेवा पर फोकस है। बिजली की चोरी से भी दिक्कत है पर पहले क्वॉलिटी सुधारना जरूरी है क्योंकि जनता सरकार से काम चाहती है। गुजरात मॉडल से काफी सीखा है, लेकिन हमारे लिए हर राज्य काफी अहम है। राज्यों के साथ मिलकर काम करने की योजना है क्योंकि साथ मिलकर काम करना ही होगा।
पीयूष गोयल का कहना है कि प्रोजेक्ट तेजी से शुरू किए जाएंगे और निवेशकों को भरोसा दिलाएंगे। सरकार के लिए हर विकल्प खुले हैं। न्यूक्लियर पावर में सुरक्षा सबसे अहम है और खर्च पर भी विचार की जरूरत है, लेकिन न्यूक्लियर पॉवर में आगे बढ़ने की योजना है। साथ ही रीन्युएबल एनर्जी भी काफी जरूरी है क्योंकि रीन्यूएबल एनर्जी से ऊर्जा सुरक्षा संभव है। राज्य के स्तर पर फ्रेमवर्क के साथ सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन जरूरी है। जनता के हित के लिए काम करेंगे और सौर ऊर्जा बढ़ाने पर जोर रहेगा।

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