झोपडी तक पहुंचा लोकतंत्र

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फर्रुखाबाद: लोग कहते हैं कि गरीबी सबसे खराब चीज है और आज की महंगाई के जमाने में जिला पंचायत का चुनाव लड़ना एक साधारण व्यक्ति के बसमें नहीं है लेकिन गरीबी ने ही मजदूर ग्रामीण की पत्नी को चुनाव जिताकर जिला पंचायत पहुंचा दिया|

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ब्लाक एवं थाना कमालगंज के ग्राम शेखपुर रुस्तमपुर के छप्पर में रहने वाली दलित महिला सिया देवी आज जिला पंचायत का चुनाव क्या जीतीं उसकी गिनती जिले के प्रमुख धन्नासेठों के मुकाबले में होने लगी| मजदूरी करके गुजारा करने वाले महेश अहिल्वार ने पत्नी सिया देवी को पूर्वी उत्तरी सीट से जिला पंचायती का चुनाव लड़ाया| सिया देवी ने करीब ४ हजार वोटों से राजपाल सुमन एडवोकेट को हरा दिया|

नेतागीरी के माध्यम से जनता की सेवा करने वाले महेश व् उनकी पत्नी ने गिद्गिदाकर लोगों से इस तरह वोट मांगे कि ग्रामीणों ने धन्नासेठों के मुकाबले प्रभावित होकर उनकी झोली में वोटों की झड़ी लगा दी| मतगणना के दौरान सिया देवी की बढ़त देखकर लोगों ने दांतों तले उंगली दवा ली| महेश ने चन्दा आदि से इंतजाम करके एक चार पहिया वाहन किराए पर चलवाया था| उसके पास तो निजी बाइक भी नहीं है|

तीन बेटे व् दो बेटियाँ व् पत्नी घर में बीडी बनाकर व् जरदोजी का कार्य करके दो जून की रोटी जुटा पाते हैं| महेश को ऐसा भूत सवार हुआ कि नेतागीरी के चक्कर में मात्र एक बीघा जमीन भी बेंच दी| पूर्व में जिला पंचायत का चुनाव भी हार चुके हैं| सिया देवी के मुकाबले टाउन एरिया कमालगंज की चेयरमैन वीनाकमल के पति संजय कमल व् बसपा विधान सभा क्षेत्र के अध्यक्ष ब्रह्मानंद भारती आदि धन्नासेठ व् प्रभाव शाली प्रत्याशी मैदान में थे|

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