सरकार ने दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन के मामले की जांच प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव को सौंपी है। प्रमुख सचिव नोएडा जाकर तथ्यों का पता लगाएंगे। प्रमुख सचिव गृह की रिपोर्ट के बाद ही दुर्गाशक्ति का निलंबन समाप्त करने के बारे में सरकार कोई फैसला करेगी।
जांच के मद्देनजर ही गौतमबुद्धनगर के मौजूदा डीएम कुमार रविकांत सिंह को हटाया गया है। मंगलवार रात से ही दुर्गाशक्ति की बहाली को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। बुधवार को भी शासन के आला अधिकारियों ने नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के अफसरों के साथ इस मसले को लेकर मंथन किया।
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दुर्गाशक्ति की ओर से दिए गए जवाब तथा जिस आधार पर निलंबन किया गया है, उसमें विरोधाभास होने के कारण इसकी जांच प्रमुख सचिव गृह से कराकर वास्तविक तथ्यों की जानकारी करने का फैसला किया गया। शासन ने नोएडा में एक निर्माणाधीन धार्मिक स्थल की दीवार गिरवाने के आरोप में दुर्गाशक्ति को निलंबित किया है जबकि दुर्गाशक्ति ने इससे इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया है।
दुर्गा का कहना है कि मौके पर दीवार खुद ग्रामीणों ने गिरवाई थी। वह डीएम के आदेश पर वहां गई थीं। दुर्गाशक्ति के निलंबन के बाद डीएम ने शासन को भेजी गई रिपोर्ट में दुर्गा को क्लीनचिट दी थी।
शासन के सूत्रों का कहना है कि निलंबन आदेश और दुर्गाशक्ति के जवाब में विरोधाभास होने के कारण सरकार ने वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराकर सही तथ्यों का पता लगाने का निर्णय किया है। इसी के मद्देनजर प्रमुख सचिव गृह को जांच सौंपी गई।
दुर्गा निलंबन: एक 'अफसर' की रिपोर्ट पर टिकी आस
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