दिल्ली: तमिलनाडू के तिरुपुर में एक निजी स्कूल के एक 43 वर्षीय सचिव के कार्यों का वर्णन करने के लिए बहुत सूक्ष्म एक शब्द है ‘घिनौना’| .यहा देर से आने के लिए सजा के रूप में स्कूल की कक्षा 10 में अध्ययनरत छात्राओं चुंबन के रूप में यातना भुगतनी होती है|
त्रिपुर पुलिस के अनुसार कथिरेसान विद्यालय प्रबंध समिति का सचिव है, जो कि देर से आने वाली छात्राओं को अपने कक्ष में बुलाता है व वहां उनको देर से आने की सजा के तौर पर ‘चुम्बन’ की यातना से गुजरना पड़ता है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार लड़कियो ने बताया है कि कथिरेसान कहता है कि चुम्बन देर से आने की सजा है। लड़कियों ने इस घटना की जानकारी अपनी क्लास टीचर ल़क्षमी को दी, परंतु उन्होंने भी कोई सकारात्मक उत्तर नहीं दिया। तब लड़कियों ने मामले के विषय में अपने अभिभावकों को जानकारी दी।
प्रकरण की जानकारी होने पर अभिभावकों ने विद्यालय में प्रदर्शन कर विद्यालय सचिव की गिरफ्तारी की मांग की। अभिभावकों ने विद्यालय सचिव कथिरेसान को उसके कार्यालय में जाकर दबोच लिया व जमकर धुनाई भी की। सूचना पर उत्तरी त्रिपुर पुलिस के उपनिरीक्षक क्रष्णावेणी ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुचं कर कथिरेसान को अपनी कस्टडी में लिया व बाद में गिरफ्तार दिखा दिया।
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एक स्कूल ऐसा भी जहां सजा के रूप में छात्राओं को देना होता है सचिव को चुंबन
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