पुलिस भर्ती: आसान नहीं होगा इस बार खाकी पहनने का सपना

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UP POLICE BHARTI JOBआरक्षियों की भर्ती परीक्षा में सिपाही बनने का सपना इस बार आसान नहीं होने जा रहा। प्रारंभिक परीक्षा से लेकर मुख्य परीक्षा तक उन्हें सामान्य ज्ञान की कसौटी पर खरा उतरना होगा। आरक्षियों के लिए आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षा में इस बार इस पर खासा जोर दिया गया है। सिर्फ प्रारंभिक परीक्षा ही नहीं मुख्य परीक्षा को भी पास करने के लिए भी सामयिक विषयों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। जाहिर है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे ग्रामीण युवाओं के लिए आरक्षी भर्ती अधिक सहज साबित होगी।

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उत्तर प्रदेश सरकार इसी साल बीस हजार आरक्षियों की भर्ती करने जा रही है। इसके लिए विज्ञापन भी प्रकाशित किया जा चुका है। यह पहला अवसर है कि पुलिस एवं स्थापना बोर्ड ने परीक्षाओं के विस्तृत पाठ्यक्रम भी जारी किए हैं। लिखित होने वाली प्रारंभिक परीक्षा में तीन सौ नंबरों के सवाल होंगे जिसमें डेढ़ सौ नंबर के प्रश्न सामान्य ज्ञान और सामयिक विषयों पर ही केंद्रित किए गए हैं। इसमें भी उत्तर प्रदेश पर विशेष रूप से फोकस किया जाएगा। प्रदेश की शिक्षा संस्कृति और सामाजिक प्रथाओं के बारे में विशिष्ट जानकारी के साथ ही प्रदेश में राजस्व एवं सामान्य पुलिस व्यवस्था के बारे में भी सवाल पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा इतिहास, भूगोल, विज्ञान, खेल, भारतीय संविधान और अर्थशास्त्र से जुड़े सवाल होंगे। सामयिक विषयों में राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर की घटनाएं, किताबें और उनके लेखक, ज्वलंत मुद्दे और विवाद आदि से जुड़े प्रश्न होंगे।

गौरतलब है कि आयोग ने भर्ती प्रक्रिया को और पारदर्शी तथा प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए इसमें काफी फेरबदल किए हैं। पहले जहां दौ सौ नंबरों के सवाल पूछे जाते थे, वहीं अब इसे 300 नंबरों का कर दिया गया है। सामान्य ज्ञान के डेढ़ सौ नंबरों के अलावा तार्किक और आंकिक क्षमता की परीक्षाएं होंगी जिसके लिए 75-75 नंबर आवंटित किए गए हैं। तार्किक क्षमता के प्रश्न में सामान्य रूप से वैसे ही सवाल पूछे जाएंगे जैसे कि आम तौर पर बैंकिंग परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इसमें शब्द आर आकृति वर्गीकरण, सामान्य प्रतीकों के सामजंस्य से सही उत्तर की तलाश आदि सवाल होंगे। आंकिक क्षमता वे सवाल होंगे जो सामान्य रूप में कक्षा आठ तक की परीक्षाओं में आते हैं। इसमें अनुपात-समानुपात, चकवृद्धि ब्याज, लघुत्तम-महत्तम, लाभ-हानि आदि पर जोर दिया जाएगा।

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प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में इन्हीं विषयों के गूढ़ प्रश्नों से जूझना होगा। इसमें सामान्य ज्ञान के लिए सौ अंक निर्धारित हैं। इसके अलावा मानसिक क्षमता और तर्कशक्ति के लिए 75-75 और बोध गम्यता के लिए 50 अंक निर्धारित हैं। सामान्य ज्ञान में भारतीय राजतंत्र, प्रशासन, भारत का स्वतंत्रता संग्राम, सामयिक घटनाएं, आंतरिक सुरक्षा तथा आतंकवाद, भारतीय समाज से जुड़े विषय होंगे। साथ कंप्यूटर कौशल से जुड़े विषय भी होंगे। मानसिक क्षमता और तर्कशक्ति परीक्षण के सवाल भी और गंभीर होंगे। बोधगम्यता में विभिन्न विषयों के उद्धरण से जुड़े सवाल या फिर गद्यांश या पद्यांश देकर उन पर आधारित सवालों के आधार पर अभ्यर्थी की बौद्धिक क्षमता को परखा जाएगा।

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