सोनिया मनमोहन में ठनी- बंसल और अश्वनी होंगे बाहर- होगा फेरबदल!

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Sonia Gandhi newनई दिल्ली। सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि सोनिया गाँधी बहुत देर तक रेल मंत्री पवन कुमार बंसल और कानून मंत्री अश्वनी कुमार को वख्शने के मूड में नहीं है| हालाँकि दोनों मंत्री मनमोहन सिंह की पसंद बताये जाते है| भ्रष्टाचार के आरोपों से लगातार हो रही फजीहत से भी कांग्रेस चिंतित है| आज दोनों सदन बिना बिल पास कराये अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दिए गए| सूत्रों से मिली खबर के अनुसार कभी भी दोनों दागी मंत्रियो की मंत्रिमंडल से छुट्टी की खबर मिल सकती है|

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उधर, कांग्रेस ने यूपीए के सहयोगी दलों से मंगलवार को विचार-विमर्श के बाद यह तय किया था कि मंत्रियों के इस्तीफे के मामले में विपक्ष के दबाव में फैसले नहीं लिए जाएंगे। बुधवार को कर्नाटक चुनाव के नतीजों के सकारात्मक रहने पर पार्टी भाजपा पर आक्रामक भी होगी। लेकिन उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक संसद सत्र के बाद संभवत: मनमोहन मंत्रिमंडल का आखिरी फेरबदल किया जा सकता है व विवादों में फंसे कानून मंत्री अश्विनी कुमार और रेल मंत्री पवन बंसल की छुट्टी की जा सकती है।

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मंत्रिमंडल फेरबदल की तारीख संसद सत्र के बाद तय हो सकती है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनाने के बाद तो केंद्रीय मंत्री मल्लिकार्जुन खडग़े, वीरप्पा मोइली और केएच मुनियप्पा में से किसी के मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना प्रबल है। ऐसे में केंद्र में एक और मंत्री पद रिक्त हो जाएगा। द्रमुक के सरकार से हटने के बाद एक कबीना मंत्री पांच राज्यमंत्री के पद पहले से ही खाली हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री ही नए मंत्रियों के नाम तय करेंगे लेकिन सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की पसंद का खास ख्याल रखा जाएगा। अश्विनी कुमार और बंसल दोनों ने कहा है कि पार्टी का फैसला उन्हें मान्य होगा। उन्हें संगठन कुछ और काम दिए जाने की उम्मीद है। पार्टी रणनीतिकारों का यह तर्क है कि इससे मीडिया में पार्टी की आलोचना भी कम होगी। पार्टी भ्रष्टाचार पर भाजपा का भी जोरदार जवाब दे सकेगी।

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सूत्रों के मुताबिक अश्विनी कुमार की भूमिका पर पार्टी में भी मतभेद उभरे हैं। हालांकि रेल मंत्री पवन बंसल ने पार्टी नेतृत्व को साफ कर दिया है कि महेश कुमार न सिर्फ वरिष्ठता को पूरा कर रहे थे बल्कि इनके नाम पर सीवीसी ने भी सहमति जता दी थी। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी यह चाहती हैं कि प्रधानमंत्री सरकार के पक्ष को मीडिया के सामने रखें। सूत्र यह भी बताते हैं कि प्रधानमंत्री जल्द ही मीडिया के सामने अपना पक्ष रखेंगे।

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