सिटी मजिस्ट्रेट के बाबू ने आफिस में काम के लिये लगा रखे हैं निजी नौकर

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FARRUKHABAD : जनपद में जहां भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, विभागों में बिना भ्रष्टाचार को कोई काम नहीं हो रहा है, वहीं अधिकारियों की हीला हवाली से जनता को योजनाओ का सही लाभ नहीं मिल रहा है। जब जनपद के सामान्य अधिकारी के कार्यालय में हीलाहवाली हो तो एक बारगी चलता भी है लेकिन जब मामला बड़े प्रशासनिक अधिकारी का हो तो बोलने को भी कोई तैयार नहीं होता है। इसी तरह का हाल जनपद के सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय का है। जहां कार्यालय के एक बाबू ने अपने सहायक के तौर पर काम करने के लिये एक निजी नौकर रख छोड़ा है। बाबू के नाम पर वसूली से लेकर फाइल बनाने तक अधिकांश काम यही व्‍यक्‍ति करता है। जबकि बाबू आम तौर पर कार्यालय से गायब रहता है। मजे की बात है कि सरकारी बाबू के इसी निजी नौकर के पास ही दफ्तर की अल्‍मारियों की चाबियां तक रहने से आये दिन कार्यालयमें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आज इसी प्रकार का एक मामला तो नये सिटी मजिस्‍ट्रेट प्रभुनाथ के सामने भी आ गया। परंतु उन्‍होंने ने भी केवल डाट-डपट के बाद मामले को रफा कर दिया।

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इस बात की हकीकत उस समय सिटी मजिस्ट्रेट व मीडिया के सामने आया जब ग्वालटोली निवासी एक व्यक्ति अपने मकान के नक्शे की शिकायत लेकर सिटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंचा तो सिटी मजिस्ट्रेट ने अपने बाबू विदुर पाल को बुलाया। सीएम ने कहा कि नक्शे की फाइल में क्या कमी है। नक्सा क्यों नहीं बना तो विदुर पाल ने बताया कि फाइल सही है आपके साइन होना बाकी हैं। जिस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि अभी ही साइन कर देते हैं। विदुर पाल बोले साहब अलमारी की चाबी तो है ही नहीं। उसने बताया कि एक लड़का बाहर से लगाया गया है उसी के पास चाबियां हैं। उसके घर में किसी की मौत हो गयी है। इसलिए कार्यालय नहीं आया। जिस पर सीएम ने विदुर पाल को हिदायत दी की चाबियां बाबू के पास रहनी चाहिए। आगे एसा नहीं होना चाहिए।

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