तहसील दिवस: लापरवाही की इम्तहां 167 शिकायतों में मात्र 76 का निस्तारण

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FARRUKHABAD : जनपद में तहसील व जनता दिवसों से लोगों का अब भरोसा उठता नजर आ रहा है और जनता का भरोसा उठेभी क्यों न। समस्याओं के त्वरित निस्तारण की आश लेकर जाने वाले पीड़ितों को तय समय सीमा में न्याय नहीं मिल पाता। यदि तहसील दिवस की विभागीय बेबसाइट के आंकड़ों TAHSEEL DIWASपर नजर डालें तो पिछले मंगलवार 2 अप्रैल को हुए तहसील दिवस में जनपद में तीनो तहसीलों में आयीं कुल 167 शिकायतों में अब तक मात्र 76 का ही निस्तारण किया जा सका। अभी भी 91 शिकायतें लंबित पड़ी हुईं धूल फांक रहीं हैं।

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शासन द्वारा चलायी गयी आन लाइन आवेदन प्रक्रिया व तहसील दिवसों पर जनपद के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते पानी फिरता नजर आ रहा है। शासन द्वारा आन लाइन प्रक्रिया जनता के लिए मात्र इसी बजह से शुरू करायी थी कि उन्हें त्वरित समस्याओं से निजात मिल सके। लेकिन अब यह आन लाइन प्रक्रिया व तहसील दिवसों से जनता का भरोसा उठता जा रहा है। पिछले तहसील दिवस पर यदि नजर डालें तो विभागीय आंकड़े बताते हैं कि सदर तहसील में 2 अप्रैल को आये कुल 40 शिकायतीपत्रों में आज तक 12 शिकायतीपत्रों का निस्तारण नहीं किया गया है। जिन 28 प्रार्थनापत्रों का निस्तारण किया भी गया है वह भी मात्र आधे अधूरे तरीके से। जिससे कि पीड़ित का कोई भला नहीं होने वाला।

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वहीं कायमगंज में 2 अप्रैल को 65 शिकायतीपत्र आये थे जिनमें अभी तक 29 प्रार्थनापत्र धूल फांक रहे हैं। अभी तक उन पर कोई कार्यवाही अमल में नहीं लायी गयी है। तहसील अमृतपुर में तो सबसे ज्यादा बुरा हाल है। जिसमें 2 अप्रैल को हुए तहसील दिवस में 62 शिकायतीपत्र आये थे जिनमें अब तक मात्र 12 का ही निस्तारण किया गया, 50 प्रार्थनापत्र आज भी शेष हैं।

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विभागीय आंकड़े ही स्पष्ट करते हैं कि तहसील दिवसों में आने वाले प्रार्थनापत्रों का निस्तारण तय समय सीमा में नहीं हो पा रहा है। जिसका सीधा कारण अधिकारियों व कर्मचारियों की इन समस्याओं के प्रति लापरवाही होना है। जबकि हकीकत में तो तहसील दिवसों में आने वाली शिकायतों में से मात्र 20 प्रतिशत ही विभागीय बेबसाइट पर अपलोड की जाती हैं। बाकी को बिना दर्ज किये ही निबटा दिया जाता है।

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