कब्रिस्तान पर कब्जे में दरोगा की भूमिका पर सवाल

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padari kisan maseehFARRUKHABAD : बढ़पुर स्थिल सीएनआई चर्चा पर दबंगों द्वारा किये गये कब्जे में आवास विकास चौकी प्रभारी इन्द्रपाल सिंह की भूमिका पर सवाल उठने शुरू हो गये हैं। पुलिस अधीक्षक जोगेन्द्र सिंह को दिये गये प्रार्थनापत्र में चर्च के प्रेस बिटर इन्चार्ज किशन मसीह ने कहा है कि अवैध कब्जे के मामले में दरोगा की भूमिका की जांच कराकर दोषी पाये जाने पर कार्यवाही की जाये।

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[bannergarden id=”8″]पादरी ने कहा है कि दिनांक 16 मार्च को लगभग सवा तीन बजे अहसान पुत्र अब्दुल हासिम, लेखपाल चकबंदी बन्दोबस्त, लाल जी तिवारी कानून गो चकबंदी, एसआई चन्द्रपाल सिंह यादव चौकी इंचार्ज आवास विकास व उनके आधा दर्जन सिपाही, हरिश्चन्द्र पाठक रिटायर्ड उपनिरीक्षक निवासी मुहल्ला खड़ियाई एवं बढ़पुर निवासी श्याम बिहारी तिवारी, रामकिशोर, हंसराज, राहुल तिवारी नगर पालिका का टेंकर लेकर 20 अज्ञात लोगों के साथ अस्त्र-शस्त्र लेकर बढ़पुर स्थित 150 वर्ष पुराने मसीह कब्रिस्तान पर सुनियोजित ढंग से अवैध कब्जा करने की नियत से ईंटें इत्यादि डालने लगे।

आवास विकास चौकी इचांर्ज इन्द्रपाल सिंह ने अपने सामने खड़े होकर लेखपाल बन्दोबस्त अहसान व लाल जी तिवारी कानून गो से कब्रिस्तान के गेट में पड़े ताले को तुड़वा दिया और सभी लोग कब्रिस्तान के अन्दर घुस पड़े। कब्रिस्तान में कब्रों को तोड़ने लगे तथा कुछ कीमती पत्थर जो कब्रों पर वर्षों पुराने लगे हुए थे उखाड़ दिए। जब ईसाई समुदाय के सदस्यों ने कब्रिस्तान पर अवैध कब्जा एवं तोड़फोड़ करने से उक्त लोगों को रोका तो चौकी इन्चार्ज इन्द्रपाल सिंह यादव बोले कि हाकिम परगना सदर का आदेश है। [bannergarden id=”11″]

चौकी इन्चार्ज इन्द्रपाल सिंह की इस बात को सुनकर ईसाई समुदाय के लोग काफी रुष्ट हो गये उन्होंने चौकी इन्चार्ज से पूछा कि आप पुलिस अधिकारी होने के उपरान्त भी कब्रिस्तान की जमीन पर तोड़फोड़ एवं अवैध कब्जा क्यों करा रहे। इस पर इनके द्वारा कोई सन्तोषजनक जबाब नहीं दिया गया वल्कि अवैध कब्जा करने वालों का साथ देते हुए नजर आये।

सूचना पर घटना स्थल पर आकर हाकिम परगना सदर फर्रुखाबाद ने कब्रिस्तान पर अवैध कब्जा करने की नियत से पड़ी ईटों को चौकी में उठवाकर रखवा दिया। पादरी ने मांग की कि उक्त दंबंगों व उनका साथ देने वाले चौकी इंचार्ज की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाये। इस सम्बंध में जिलाधिकारी व अन्य उच्चाधिकारियों को भी पत्र प्रेषित किया गया है।

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