गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए नल पर नहा रहे नागबाबा

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naga babaफर्रुखाबाद: गंगा तट घटियाघाट पर एक माह तक लगने वाले माघ मास में कल्पवास करने आये नागबाबा गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए गंगा में न नहाकर गंगा तट पर लगे नल पर नहा रहे हैं।

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गंगा तट पर कल्पवास के लिए डेरा जमाये नाग बाबा से जेएनआई ने बात की तो उन्होंने बताया कि वह गंगा घाट तटों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

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वह प्रति दिन सुबह उठकर गंगा तट पर लगे नल पर स्नान करते हैं। उन्होंने कहा कि गंगा हमारी माता है हम उसको प्रदूषित नहीं कर सकते। गंगा में मौजूद हजारों करोड़ों जल जीव भी उसी पानी का आचमन करते हैं। वह प्रति वर्ष माघ मास में गंगा तट पर कल्पवास के लिए आते हैं। वह पीलीभीत के मूल निवासी हैं लेकिन उनकी आस्था गंगा के प्रति इतनी है कि वह अपनी माता समान गंगा में स्नान न करके नल पर पानी भरकर स्नान करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज के लोग भी उन्हीं की तरह गंगा को माता समझ कर गंगा को प्रदूषण से बचायें तो गंगा को पवित्र बनाया जा सकता है।

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