अमर का साथ छोड़ जगन का हाथ थामने की तैयारी में जया

0
120

लखनऊ। लोकमंच के मुखिया अमर सिंह को एक बार फिर झटका लगने वाला है क्योंकि समाजवादी पार्टी छोड़कर आईं जयाप्रदा भी अब उनकी पार्टी से विदा होने जा रही हैं। चर्चा है कि जयाप्रदा अब वाईएसआर कांग्रेस में शामिल हो सकती हैं। खबरों के मुताबिक जयाप्रदा जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी लोकसभा सीट से 2014 में होने वाला चुनाव लड़ेंगी| हालांकि जयाप्रदा की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है पर सूत्रों से यह जानकारी मिल रही है|

गौरतलब है कि जयाप्रदा ने पिछले दो बार से लोकसभा चुनाव यूपी के रामपुर लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में लड़ा था। वह 2009 का चुनाव आज़म खान के विरोध के बावजूद जीतने में कामयाब रही थीं। लेकिन जब अमर सिंह को समाजवादी पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखाया तो जयाप्रदा ने भी अमर सिंह का साथ देने के लिए सपा को अलविदा कह दिया लेकिन तकनीकी तौर पर जयाप्रदा सपा की ही सांसद है |

[adrotate banner="3"]

80 और 90 के दशक में बॉलिवुड की मशहूर अभिनेत्री रह चुकी जयाप्रदा ने वर्ष 1994 में राजनीति की दुनिया में कदम रखा था। शुरुआत में वह तेलगुदेशम पार्टी की साइकिल पर सवार हुई पर जब आंध्र प्रदेश में चन्द्र बाबू नायडू चुनाव हार गए तो उन्हें दक्षिण की साइकिल के बजाय उत्तर की साइकिल ज्यादा भाने लगी, उन्होंने मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था। उसके बाद उन्होंने काफी दिनों तक अमर सिंह का साथ दिया और अब वाईएसआर कांग्रेस का दामन थामने जा रही है |

यदि सूत्रों की माने तो वह यह भी बताते हैं कि वाईएसआर कांग्रेस औऱ जयाप्रदा दोनों को ही एक दूसरे के साथ होने में फायदा दिख रहा है। वाईएसआर कांग्रेस जहां चुनाव में जयाप्रदा को एक स्टार फीगर के रूप में देख रही है वहीं जयाप्रदा के उत्तर प्रदेश में बंद हो रहे सियासत के दरवाजे के बाद एक खुली खिड़की दिखी है। क्योंकि जयाप्रदा को भी पता है कि भले ही अमर सिंह के साथ वे रहे पर उन्हें सियासी सीढियां चढ़ने के लिए किसी मजबूत पार्टी का आधार चाहिए जिससे उनकी नईया पार हो सके, यही वजह है कि जयाप्रदा अपने गृह राज्य लौट कर राजनीती कि अपनी तीसरी पारी मजबूती से शुरू करना चाहती है जिसके लिए उन्हें वाईएसआर कांग्रेस से बढ़िया विकल्प नहीं मिल सकता है |

[adrotate banner="2"]